गैरसैंण विधानसभा सत्र में सियासी घमासान, उमेश कुमार ने दिया इस्तीफा; हंगामे के बीच दो घंटे में निपटी कार्यवाही

विपक्ष ने काले कपड़े लहराकर सरकार के खिलाफ जताया विरोध, 7,844.18 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट और सभी 10 विधेयक पारित

गैरसैंण। उत्तराखंड विधानसभा का दो दिवसीय सत्र बुधवार को भारी हंगामे और राजनीतिक टकराव के बीच अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हो गया। सत्र के दूसरे दिन खानपुर के निर्दलीय विधायक उमेश कुमार ने विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण को अपना इस्तीफा सौंपकर प्रदेश की राजनीति में हलचल मचा दी। वहीं, कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य की कथित 210 करोड़ रुपये की संपत्ति से जुड़े मामले में चर्चा की मांग को लेकर कांग्रेस विधायकों ने सदन में काले कपड़े लहराए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। हंगामे के बीच सरकार ने 7,844.18 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट और सभी 10 विधेयक पारित करा दिए। सुबह 11 बजे शुरू हुई कार्यवाही दोपहर 1:06 बजे अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई।

विपक्ष का साथ नहीं मिलने से आहत होकर दिया इस्तीफा

खानपुर के निर्दलीय विधायक उमेश कुमार ने विधानसभा अध्यक्ष को अपना इस्तीफा सौंपते हुए कहा कि पिछले साढ़े चार वर्षों में उन्होंने विपक्ष के मुद्दों पर उसका साथ दिया, लेकिन जब किसानों, हरिद्वार, आपदा और बिजली बिलों में राहत जैसे जनहित के विषय उठाए तो उन्हें अपेक्षित सहयोग नहीं मिला।

उमेश कुमार ने किसानों की समस्याओं का उल्लेख करते हुए कहा कि किसानों की आरसी काटे जाने, किसान क्रेडिट कार्ड के ब्याज में राहत नहीं मिलने और बिजली बिलों के बकाये के कारण कनेक्शन काटे जाने जैसे मुद्दों पर विपक्ष को एकजुट होकर आवाज उठानी चाहिए थी।

उन्होंने स्पष्ट किया कि आगामी विधानसभा चुनाव में वह जन निर्माण पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ेंगे। उनका लक्ष्य पार्टी के अधिक से अधिक प्रत्याशियों को जीत दिलाकर विधानसभा तक पहुंचाना है। उन्होंने भाजपा और कांग्रेस, दोनों में शामिल होने की संभावना से इनकार किया। हालांकि, उनके इस्तीफे पर विधानसभा अध्यक्ष का अंतिम निर्णय होना बाकी है।

रेखा आर्य से जुड़े मामले पर कांग्रेस का प्रदर्शन

सदन में कांग्रेस विधायकों ने कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य की कथित 210 करोड़ रुपये की संपत्ति से जुड़े मामले को उठाते हुए नियम 310 के तहत चर्चा कराने की मांग की। विपक्ष का आरोप था कि सरकार भ्रष्टाचार से जुड़े सवालों पर चर्चा करने से बच रही है।

विरोध के दौरान कांग्रेस विधायकों ने काले कपड़े लहराए, सदन के वेल में पहुंचकर नारेबाजी की और कागज भी फेंके। विधायकों ने सरकार के खिलाफ नारे लगाते हुए भ्रष्टाचार, कथित अनियमितताओं और अंकिता भंडारी प्रकरण में न्याय की मांग उठाई।

इस दौरान कुछ विधायकों ने ‘बंटी-बबली कौन है?’ और ‘210 का झुमका कहां गिरा है’ जैसे नारों के जरिए भी तंज कसा। विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण ने सदस्यों से सदन की गरिमा और भाषा की मर्यादा बनाए रखने की अपील की।

तिलकराज बेहड़ ने सत्र की अवधि पर उठाए सवाल

कांग्रेस विधायक तिलकराज बेहड़ ने कहा कि गैरसैंण में विधानसभा सत्र कम से कम चार से पांच दिन तक चलना चाहिए था, ताकि जनहित, विकास, भ्रष्टाचार और कानून-व्यवस्था से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हो सके।

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार विपक्ष की आवाज नहीं सुन रही है और भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों पर चर्चा कराने से बच रही है। बेहड़ ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि वह अपने ऊपर हुए कथित हमले का मामला भी सदन में उठाना चाहते थे, लेकिन उन्हें पर्याप्त अवसर नहीं मिला।

उन्होंने कहा कि सत्र की अवधि कम होने से विधायकों को जनता से जुड़े मुद्दे उठाने का पर्याप्त समय नहीं मिल पाया।

7,844.18 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट पारित

विपक्ष के हंगामे के बीच वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 7,844.18 करोड़ रुपये की अनुपूरक अनुदान मांगों को मंजूरी दे दी गई। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की ओर से प्रस्तुत अनुपूरक बजट में 3,679.86 करोड़ रुपये राजस्व मद और 4,164.32 करोड़ रुपये पूंजीगत मद के लिए प्रस्तावित किए गए।

अनुपूरक बजट के बाद राज्य का कुल बजट आकार बढ़कर 1,19,547.39 करोड़ रुपये हो गया। सदन में ग्रामीण विकास, ऊर्जा, जलापूर्ति, आवास और नगर निकायों सहित विभिन्न विभागों की अनुपूरक मांगों को भी मंजूरी दी गई।

सभी 10 विधेयक पारित, दोपहर 1:06 बजे स्थगित हुई कार्यवाही

भारी शोर-शराबे के बावजूद विधानसभा में विधायी कार्यवाही पूरी की गई। अनुपूरक बजट के साथ सदन में सभी 10 विधेयक पारित कर दिए गए। संसदीय कार्यमंत्री सुबोध उनियाल ने कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करने का प्रस्ताव रखा।

विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण ने सदन को प्राप्त 17 सूचनाओं का उल्लेख करने के बाद दोपहर 1:06 बजे कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करने की घोषणा की।

इस प्रकार गैरसैंण में आयोजित दो दिवसीय विधानसभा सत्र का समापन राजनीतिक हंगामे के बीच हुआ। एक ओर सरकार ने बजट और विधायी कार्यवाही पूरी की, वहीं दूसरी ओर विपक्ष ने भ्रष्टाचार के आरोपों पर चर्चा की मांग को लेकर विरोध दर्ज कराया। इसी बीच उमेश कुमार के इस्तीफे और जन निर्माण पार्टी के टिकट पर आगामी चुनाव लड़ने की घोषणा ने उत्तराखंड की राजनीति में नए घटनाक्रम को जन्म दे दिया।

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