पौड़ी गढ़वाल। गुमखाल–सतपुली सड़क चौड़ीकरण कार्य में भारी अनियमितताओं और भ्रष्टाचार की आशंका को लेकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने स्वयं मौके का निरीक्षण कर वीडियो के माध्यम से निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल खड़े किए हैं।
गोदियाल का आरोप है कि करोड़ों रुपये की लागत से बनाई जा रही कई सुरक्षा दीवारें पहली बारिश से पहले ही अपने भार से धंसने लगी हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क चौड़ीकरण के नाम पर आवश्यकता से अधिक कटान किया गया, जिससे ऊंचे-ऊंचे पुश्तों का निर्माण करना पड़ा। निर्माण कार्य में बाहर से सीमेंट का लेप चढ़ाकर अंदर रोड़े और पत्थर भरने की बात भी सामने आ रही है, जिससे गुणवत्ता पर गंभीर प्रश्नचिह्न लग गए हैं।
उन्होंने कहा कि सबसे बड़ी जिम्मेदारी उन अधिकारियों की है जो निर्माण कार्य पूर्ण होने के बाद हर बिल पर यह प्रमाणित करते हैं कि कार्य संतोषजनक ढंग से किया गया है। यदि पहली ही बरसात में दीवारें ध्वस्त होने लगें तो इसकी जवाबदेही तय की जानी चाहिए।
स्थानीय स्तर पर यह भी आरोप लगाए जा रहे हैं कि क्षेत्र से निकाले गए पत्थरों का उपयोग कर भारी भुगतान लिया गया, जबकि निर्माण की गुणवत्ता बेहद कमजोर रखी गई। आशंका जताई जा रही है कि एक-दो वर्षों में ये दीवारें पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो सकती हैं। तब तक ठेकेदार भुगतान प्राप्त कर चुका होगा और संबंधित अधिकारी अन्य स्थानों पर स्थानांतरित हो चुके होंगे।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने संबंधित विभाग से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा निर्माण कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि जनता के टैक्स के पैसे से किए जा रहे विकास कार्यों में भ्रष्टाचार और लापरवाही किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जा सकती।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “हर शाख पर उल्लू बैठा है, अंजाम-ए-गुलिस्तां क्या होगा…” और कहा कि उत्तराखंड की विकास योजनाओं को लेकर उठ रहे ये सवाल बेहद गंभीर हैं।
गुमखाल–सतपुली सड़क चौड़ीकरण में भ्रष्टाचार के आरोप, पहली बारिश से पहले धंसने लगीं सुरक्षा दीवारें




