श्रीनगर। हेमवती नंदन बहुगुणा मेडिकल एजुकेशन यूनिवर्सिटी के बेस अस्पताल, श्रीनगर के स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग ने एक अत्यंत जटिल और दुर्लभ सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम देकर चिकित्सा क्षेत्र में नई मिसाल पेश की है। अस्पताल के विशेषज्ञ डॉक्टरों ने तीन माह की गर्भवती 25 वर्षीय महिला के पेट से बच्चेदानी के समीप मौजूद 13 और 9 सेंटीमीटर आकार की दो बड़ी सिस्ट (गांठ) को सफलतापूर्वक निकाल दिया। इनमें से एक अंडेदानी (ओवरी) के पास पाई गई दुर्लभ हाइडेटिड सिस्ट थी, जिसे चिकित्सकीय दृष्टि से बेहद असामान्य माना जाता है।

सबसे बड़ी उपलब्धि यह रही कि पूरे ऑपरेशन के दौरान गर्भस्थ शिशु पूरी तरह सुरक्षित रहा। सर्जरी के बाद किए गए अल्ट्रासाउंड में शिशु की धड़कन और अन्य सभी पैरामीटर सामान्य पाए गए, जिससे चिकित्सकों ने राहत की सांस ली।
गायनी विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. नेहा दोसाद के निर्देशन में डॉ. निधि बहुगुणा तथा सर्जरी विभाग के डॉ. लक्ष्मण यादव ने इस जटिल ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम दिया। गर्भावस्था के दौरान इतनी बड़ी सिस्ट का ऑपरेशन करना चिकित्सकीय रूप से बेहद चुनौतीपूर्ण माना जाता है, क्योंकि इसमें मां और गर्भस्थ शिशु दोनों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होती है।
डॉ. निधि बहुगुणा ने बताया कि जोशीमठ निवासी 25 वर्षीय सोनी देवी पेट दर्द की शिकायत लेकर ओपीडी पहुंची थीं। जांच और अल्ट्रासाउंड में अंडेदानी के समीप दो बड़ी सिस्ट का पता चला। विस्तृत चिकित्सकीय मूल्यांकन के बाद ऑपरेशन का निर्णय लिया गया और पूरी सावधानी के साथ दोनों सिस्ट को सफलतापूर्वक निकाल दिया गया।
उन्होंने बताया कि सर्जरी के दौरान दोनों अंडेदानियों को सुरक्षित रखा गया। प्रभावित ओवरी का सफल ओवेरियन रिकंस्ट्रक्शन भी किया गया, जिससे महिला की भविष्य की प्रजनन क्षमता भी सुरक्षित रही। ऑपरेशन के बाद मां और गर्भस्थ शिशु दोनों पूरी तरह स्वस्थ हैं।
इस सफल सर्जरी में एनेस्थीसिया विभाग की डॉ. वंदना शर्मा, डॉ. कीर्तना, डॉ. रोहित, पियूष और रोहित ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सफल ऑपरेशन के बाद महिला और उसके परिजनों ने पूरी चिकित्सकीय टीम का आभार व्यक्त किया।
मेडिकल कॉलेज श्रीनगर के प्राचार्य प्रो. आशुतोष सयाना ने कहा कि गर्भवती महिला की इतनी दुर्लभ एवं जटिल सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम देना चिकित्सकों की विशेषज्ञता, समर्पण और टीमवर्क का उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्होंने पूरी मेडिकल टीम को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी।




