उत्तराखंड के हरिद्वार की रहने वाली एक दलित युवती ने उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद निवासी युवक पर नशीला पदार्थ पिलाकर दुष्कर्म करने, अश्लील वीडियो बनाकर तीन वर्षों तक ब्लैकमेल करने, बार-बार यौन शोषण करने, जातिसूचक अपमान करने और डेढ़ लाख रुपये वसूलने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता का आरोप है कि स्थानीय पुलिस ने पहले उसकी शिकायत पर कार्रवाई नहीं की। बाद में डीआईजी के हस्तक्षेप के बाद मझोला थाने में मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर पूछताछ शुरू कर दी है।
स्कूटी खरीदने के दौरान हुई पहचान
एफआईआर के अनुसार, पीड़िता मूल रूप से हरिद्वार की रहने वाली है और वर्तमान में मुरादाबाद की एक निजी कंपनी में कार्यरत है। वर्ष 2023 में स्कूटी खरीदने के दौरान उसकी मुलाकात मयंक चौधरी नामक युवक से हुई, जिसने स्वयं को दोपहिया वाहनों का कारोबारी बताया। भरोसा होने पर युवती ने उसे स्कूटी दिलाने के लिए 70 हजार रुपये दिए, लेकिन न तो स्कूटी मिली और न ही रकम वापस की गई। आरोप है कि रुपये मांगने पर आरोपी टालमटोल करने लगा और व्हाट्सएप पर अश्लील संदेश भेजने लगा।
नशीला पदार्थ पिलाकर दुष्कर्म का आरोप
पीड़िता का आरोप है कि 20 मार्च 2023 को आरोपी ने पैसे लौटाने के बहाने उसे मुरादाबाद के कांशीराम नगर स्थित अपने कमरे पर बुलाया। वहां कथित रूप से कोल्ड ड्रिंक में नशीला पदार्थ मिलाकर पिलाया गया। बेहोशी की हालत में आरोपी ने उसके साथ दुष्कर्म किया और अश्लील फोटो व वीडियो बना लिए। होश आने पर विरोध करने पर आरोपी ने वीडियो वायरल करने की धमकी दी, जिससे डरकर वह तत्काल पुलिस के पास नहीं जा सकी।
तीन साल तक ब्लैकमेल और यौन शोषण
शिकायत में कहा गया है कि आरोपी ने अश्लील वीडियो सोशल मीडिया और व्हाट्सएप ग्रुप में वायरल करने की धमकी देकर करीब तीन वर्षों तक पीड़िता का यौन शोषण किया। इस दौरान डराकर उससे लगभग डेढ़ लाख रुपये भी वसूल लिए।
जातिसूचक अपमान और धमकी का आरोप
पीड़िता का आरोप है कि जब आरोपी को उसकी अनुसूचित जाति से होने की जानकारी मिली तो उसने जातिसूचक शब्दों का प्रयोग कर अपमानित किया। साथ ही पति को तलाक देकर उसके साथ रहने का दबाव बनाया और अतिरिक्त दो लाख रुपये की मांग भी की। जनवरी 2026 में आरोपी द्वारा जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है। पीड़िता का कहना है कि इस बातचीत की कॉल रिकॉर्डिंग उसके पास सुरक्षित है।
थाने में नहीं हुई सुनवाई, डीआईजी से लगाई गुहार
पीड़िता के मुताबिक उसने पहले मझोला थाने में शिकायत दी थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। आरोप है कि आरोपी और उसके परिजनों ने उसके पति को धमकाकर सादे कागजों पर जबरन हस्ताक्षर भी करा लिए। इसके बाद पीड़िता ने मुरादाबाद परिक्षेत्र के डीआईजी से मिलकर न्याय की मांग की।
डीआईजी के निर्देश पर दर्ज हुआ मुकदमा
डीआईजी के निर्देश के बाद मझोला थाना पुलिस ने सोमवार रात मुख्य आरोपी मयंक चौधरी, उसके पिता और अन्य परिजनों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर पूछताछ शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि विवेचना के दौरान प्राप्त साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
नोट: यह मामला पीड़िता द्वारा दर्ज कराई गई एफआईआर और पुलिस की प्रारंभिक कार्रवाई पर आधारित है। आरोपों की सत्यता का अंतिम निर्णय न्यायालय एवं जांच के निष्कर्षों के आधार पर होगा।




