देहरादून। राजधानी देहरादून स्थित यूपीईएस (UPES – University of Petroleum and Energy Studies) की कुलपति डॉ. वीना दत्ता को कथित रूप से जान से मारने की धमकी मिलने का मामला सामने आया है। इस मामले ने विश्वविद्यालय प्रशासन और पुलिस महकमे में हलचल मचा दी है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपी पीयूष शर्मा के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
छात्रा के शैक्षणिक मामले को लेकर बनाया गया दबाव
कुलपति डॉ. वीना दत्ता द्वारा पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार, पीयूष शर्मा नामक व्यक्ति लगातार उन्हें और विश्वविद्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों को फोन कर एक छात्रा के शैक्षणिक मामले में हस्तक्षेप करने का दबाव बना रहा था। विश्वविद्यालय का कहना है कि आरोपी का छात्रा के अभिभावक या अधिकृत प्रतिनिधि के रूप में कोई आधिकारिक संबंध नहीं था, इसके बावजूद वह प्रशासन पर अपने पक्ष में निर्णय लेने का दबाव बना रहा था।
व्हाट्सएप पर भेजे गए कथित धमकी भरे ऑडियो
शिकायत में यह भी बताया गया है कि विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार मनीष मदान को व्हाट्सएप पर कथित तौर पर धमकी भरे ऑडियो संदेश भेजे गए। आरोप है कि एक ऑडियो में कहा गया कि “यदि दो-तीन लोग खत्म भी हो जाएं, तो कोई खास फर्क नहीं पड़ेगा।” इस कथित धमकी को गंभीर मानते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने तत्काल पुलिस से सुरक्षा और कानूनी कार्रवाई की मांग की।
पांच विषयों में अनुत्तीर्ण हुई छात्रा
प्रेमनगर कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक नरेश राठौर के अनुसार, प्रारंभिक जांच में पता चला है कि संबंधित छात्रा पांच विषयों में अनुत्तीर्ण (बैक) हुई थी। पुलिस का कहना है कि इसी शैक्षणिक विवाद को लेकर आरोपी द्वारा विश्वविद्यालय प्रशासन पर दबाव बनाने का प्रयास किया जा रहा था।
चीन से संचालित नंबरों के मिले संकेत
पुलिस की तकनीकी जांच में यह भी सामने आया है कि जिन मोबाइल नंबरों से कथित धमकी भरे कॉल किए गए, उनके चीन से संचालित होने के संकेत मिले हैं। हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अभी इस तकनीकी पहलू का सत्यापन किया जा रहा है और जांच पूरी होने के बाद ही अंतिम निष्कर्ष सामने आएगा।
मुकदमा दर्ज, सभी पहलुओं की जांच जारी
विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि लगातार मिल रही कथित धमकियों से कुलपति सहित अन्य अधिकारियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपी पीयूष शर्मा के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। फिलहाल पुलिस कॉल रिकॉर्ड, व्हाट्सएप संदेशों और तकनीकी साक्ष्यों की गहन जांच कर रही है।




