अल्मोड़ा। जिले के हवालबाग ब्लॉक अंतर्गत भनरगांव में लंबे समय से ग्रामीणों के लिए दहशत का कारण बना गुलदार आखिरकार वन विभाग के लगाए गए पिंजरे में कैद हो गया। गुलदार के पकड़े जाने की सूचना मिलते ही पूरे गांव में राहत का माहौल बन गया और ग्रामीणों ने वन विभाग की कार्रवाई की सराहना करते हुए आभार व्यक्त किया।
जानकारी के अनुसार, पिछले करीब एक वर्ष से गुलदार गांव और आसपास के क्षेत्रों में लगातार सक्रिय था। इस दौरान उसने कई मवेशियों को अपना शिकार बनाया, जिससे ग्रामीणों में भय का वातावरण बना हुआ था। शाम ढलते ही लोग घरों से निकलने से बचते थे और बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी लगातार चिंता बनी रहती थी।
ग्रामीणों की लगातार मांग और बढ़ती घटनाओं को देखते हुए वन विभाग ने शुक्रवार शाम गांव में पिंजरा लगाया था। रविवार तड़के गुलदार उसी पिंजरे में फंस गया। इसके बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई करते हुए गुलदार को सुरक्षित अपने कब्जे में लिया।
गौरतलब है कि इससे पहले बुधवार को भी वन विभाग ने गांव के एक पुराने और सुनसान मकान से गुलदार के तीन शावकों का सुरक्षित रेस्क्यू किया था। इसके बाद से आशंका जताई जा रही थी कि मादा गुलदार आसपास ही मौजूद है। वन विभाग ने सतर्कता बढ़ाते हुए निगरानी जारी रखी और अंततः गुलदार को सफलतापूर्वक पकड़ लिया।
गुलदार के पकड़े जाने के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। स्थानीय लोगों ने वन विभाग से क्षेत्र में नियमित गश्त और वन्यजीवों की गतिविधियों पर लगातार निगरानी बनाए रखने की भी मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
अल्मोड़ा: दहशत का कारण बना गुलदार आखिरकार पिंजरे में कैद, ग्रामीणों ने ली राहत की सांस




