दिल्ली-देहरादून आर्थिक कॉरिडोर से जुड़ी 12 किमी ग्रीनफील्ड बाईपास परियोजना का डीएम ने किया निरीक्षण, अप्रैल 2027 तक पूरा होने का लक्ष्य

दून वैली टाइम्स | देहरादून

देहरादून जिले में दिल्ली-देहरादून आर्थिक कॉरिडोर से जुड़ी 12 किलोमीटर लंबी निर्माणाधीन ग्रीनफील्ड चार लेन बाईपास परियोजना का गुरुवार को जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के अधिकारियों को निर्माण कार्य में तेजी लाने, गुणवत्ता बनाए रखने और सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने परियोजना के विभिन्न निर्माण स्थलों का निरीक्षण कर कार्यों की प्रगति, निर्माण गुणवत्ता, मशीनरी की उपलब्धता और श्रमिकों की संख्या की जानकारी ली। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यह परियोजना देहरादून की यातायात व्यवस्था के लिए बेहद महत्वपूर्ण है और इसके निर्माण में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

यातायात जाम से मिलेगी राहत

डीएम ने कहा कि परियोजना पूरी होने के बाद देहरादून शहर में भारी वाहनों और ट्रांजिट ट्रैफिक को शहर के बाहर से ही डायवर्ट किया जा सकेगा। इससे शहर के प्रमुख मार्गों पर जाम की समस्या में उल्लेखनीय कमी आएगी और स्थानीय नागरिकों के साथ-साथ पर्यटकों को भी सुगम एवं सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिलेगी।

गुणवत्ता और सुरक्षा पर विशेष जोर

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने एनएचएआई अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्माण कार्य निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुरूप ही किया जाए। उन्होंने कार्यस्थलों पर पर्याप्त मशीनरी, संसाधन और श्रमिकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ-साथ नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश भी दिए।

उन्होंने कहा कि निर्माण स्थलों पर बैरिकेडिंग, चेतावनी संकेतक, ट्रैफिक डायवर्जन और अन्य सुरक्षा व्यवस्थाओं में किसी भी प्रकार की कमी नहीं होनी चाहिए, ताकि आम जनता को किसी प्रकार की असुविधा या दुर्घटना का सामना न करना पड़े।

716 करोड़ की लागत से बन रही है परियोजना

जानकारी के अनुसार लगभग 716 करोड़ रुपये की लागत से तैयार की जा रही यह ग्रीनफील्ड बाईपास परियोजना झाझरा से शुरू होकर राष्ट्रीय राजमार्ग-7 के नए पांवटा साहिब/बल्लूपुर खंड को जोड़ते हुए आशारोड़ी चेक पोस्ट के पास दिल्ली-देहरादून आर्थिक कॉरिडोर से जुड़ेगी। परियोजना के अप्रैल 2027 तक पूर्ण होने की संभावना है।

समस्याओं का तत्काल समाधान करने के निर्देश

डीएम डॉ. आशीष चौहान ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि यदि भूमि अधिग्रहण, तकनीकी या प्रशासनिक स्तर पर किसी प्रकार की समस्या आती है तो उसका तत्काल समाधान किया जाए, जिससे निर्माण कार्य बिना किसी बाधा के निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा हो सके।

निरीक्षण के दौरान नगर मजिस्ट्रेट राकेश तिवारी, तहसीलदार सदर सुरेन्द्र देव सहित एनएचएआई के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।

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