जलापूर्ति रोस्टर के अनुसार सुनिश्चित करने के निर्देश, हाथी-बाघ और आवारा कुत्तों से सुरक्षा के लिए भी तत्काल कार्रवाई के आदेश
देहरादून, 21 अगस्त। बालावाला, मियांवाला, देवीपुरा और गूलरघाटी क्षेत्र में लंबे समय से चली आ रही जनसमस्याओं और विभागीय लापरवाही को लेकर जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने शुक्रवार को सख्त रुख अपनाया। जिलाधिकारी ने विभिन्न क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण कर स्थानीय किसानों, नागरिकों और जनप्रतिनिधियों से सीधे संवाद किया तथा मौके पर ही संबंधित विभागों के अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान सिंचाई नहर की सफाई न होने, जलापूर्ति में समस्या, जनसुरक्षा, खुले में कूड़ा डंपिंग और सीवर निर्माण के कारण जलभराव जैसी समस्याएं सामने आईं। कई मामलों में डीएम ने अधिकारियों को फटकार लगाते हुए जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए।
चार साल से नहर की सफाई नहीं होने पर डीएम नाराज
बालावाला क्षेत्र के किसानों ने जिलाधिकारी को बताया कि सिंचाई नहर में लंबे समय से सिल्ट जमा है और करीब चार वर्षों से नहर की समुचित सफाई नहीं हुई है। इसके कारण किसानों को कृषि कार्य के लिए पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है और फसलों पर इसका प्रतिकूल असर पड़ रहा है।
किसानों की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने सिंचाई विभाग की कार्यप्रणाली पर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि नहर की मरम्मत और सिल्ट सफाई के लिए पूर्व में धनराशि आवंटित होने के बावजूद टेंडर प्रक्रिया पूरी नहीं की गई, जो गंभीर लापरवाही है।
डीएम ने संबंधित विभाग से इस मामले में स्पष्टीकरण तलब किया। साथ ही स्पष्ट निर्देश दिए कि किसानों को निर्धारित रोस्टर के अनुसार पर्याप्त सिंचाई पानी उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने नहर की सफाई और मरम्मत कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतने की चेतावनी दी।
हाथी-बाघ और आवारा कुत्तों की समस्या पर तत्काल कार्रवाई
बालावाला क्षेत्र में जंगल से लगे इलाकों में हाथी और बाघ की आवाजाही तथा आवारा कुत्तों से उत्पन्न सुरक्षा संबंधी समस्याओं को भी जिलाधिकारी ने गंभीरता से लिया। उन्होंने वन विभाग और नगर निगम को तत्काल आवश्यक सुरक्षात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
जंगल से सटे सिंचाई नहर क्षेत्र में रात के समय सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया। डीएम ने संबंधित अधिकारियों को सोलर लाइट लगाने का प्रस्ताव तैयार कर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
मियांवाला चौक पर शराब की दुकान के आसपास जाम का समाधान करने के निर्देश
मियांवाला चौक पर शराब की दुकान के आसपास प्रतिदिन लगने वाले जाम की शिकायत भी स्थानीय लोगों ने जिलाधिकारी के सामने रखी। लोगों का कहना था कि दुकान के आसपास वाहनों और लोगों की भीड़ के कारण यातायात प्रभावित होता है।
जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को मौके की समस्या का परीक्षण कर शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि आम लोगों को रोजाना होने वाली परेशानी से राहत मिल सके।
खेल मैदान में पुलिस गश्त बढ़ाने के निर्देश
बालावाला घोड़ा फैक्ट्री के समीप सुनसान क्षेत्र में स्थित खेल मैदान का भी जिलाधिकारी ने निरीक्षण किया। स्थानीय लोगों की सुरक्षा को देखते हुए उन्होंने पुलिस विभाग को क्षेत्र में नियमित और प्रभावी गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए।
डीएम ने कहा कि सुनसान क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होना जरूरी है, ताकि स्थानीय नागरिकों और खेल मैदान का इस्तेमाल करने वाले लोगों को सुरक्षित वातावरण मिल सके।
गूलरघाटी में बनेगा ईको पार्क, प्राकृतिक जलस्रोत का होगा संरक्षण
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने गूलरघाटी क्षेत्र में स्थित प्राकृतिक जलस्रोत का भी जायजा लिया। उन्होंने जलस्रोत के संरक्षण और संवर्धन के लिए इसे रिवर रिजूवनेशन प्रोजेक्ट में शामिल करने के निर्देश दिए।
इसके साथ ही पूरे क्षेत्र को ईको पार्क के रूप में विकसित करने के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने को कहा गया। डीएम ने अधिकारियों से क्षेत्र की प्राकृतिक विशेषताओं को संरक्षित रखते हुए विकास की योजना तैयार करने के निर्देश दिए।
गूलरघाटी में लंबे समय से निष्क्रिय पड़े हाइड्रम को दोबारा स्थापित करने के लिए भी लघु सिंचाई विभाग को आवश्यक प्रस्ताव तैयार करने को कहा गया। इससे क्षेत्र में सिंचाई और जलापूर्ति व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
खुले में कूड़ा डंपिंग पर नगर निगम को फटकार
देवीपुरा क्षेत्र में अनधिकृत रूप से खुले में कूड़ा डंप किए जाने की शिकायत पर जिलाधिकारी ने नगर निगम के अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने तत्काल नोटिस जारी करने और मौके पर पड़े कूड़े का उचित एवं वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
डीएम ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक स्थलों पर अनधिकृत रूप से कूड़ा डंप करना किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने संबंधित विभाग को नियमित निगरानी रखने के निर्देश भी दिए।
जलभराव पर यूयूएसडीए को फटकार, ड्रेनेज प्लान बनाने के निर्देश
गूलरघाटी मोटर मार्ग पर नकरौंदा के निकट बांगी पुलिया क्षेत्र में जलभराव की समस्या का भी जिलाधिकारी ने निरीक्षण किया। स्थानीय लोगों ने बताया कि यूयूएसडीए द्वारा सीवर लाइन निर्माण के लिए सड़क और आसपास के क्षेत्रों में खुदाई की गई है, लेकिन वर्षा जल की निकासी के लिए पर्याप्त ड्रेनेज व्यवस्था नहीं की गई।
बरसात के दौरान जलभराव की समस्या को देखते हुए जिलाधिकारी ने यूयूएसडीए के अधिकारियों पर नाराजगी जताई। उन्होंने सीवर परियोजना में ड्रेनेज सिस्टम को समुचित रूप से शामिल नहीं किए जाने पर जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए।
डीएम ने सड़क की मौजूदा स्थिति को देखते हुए तत्काल प्रभाव से व्यवस्थित ड्रेनेज प्लान तैयार करने और उसके आधार पर आवश्यक कार्रवाई करने को कहा।
अधिशासी अभियंता की गैरमौजूदगी पर नोटिस के निर्देश
स्थलीय निरीक्षण के दौरान यूयूएसडीए के अधिशासी अभियंता के मौके पर उपस्थित नहीं रहने को जिलाधिकारी ने गंभीरता से लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारी के विरुद्ध नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को स्पष्ट किया कि जनसमस्याओं से जुड़े स्थलीय निरीक्षण के दौरान संबंधित विभागीय अधिकारियों की मौके पर उपस्थिति अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि किसी भी कार्य में लापरवाही, उदासीनता या जिम्मेदारी से बचने की कोशिश पाए जाने पर संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी।
डीएम ने कहा कि जनसमस्याओं का समाधान केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि मौके पर जाकर स्थिति का आकलन कर समयबद्ध तरीके से प्रभावी कार्रवाई की जानी चाहिए।
निरीक्षण के दौरान उप जिलाधिकारी सदर अपूर्वा सिंह, तहसीलदार सुरेंद्र देव, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी ऋषभ कुमार, राज्य सरकार के दायित्वधारी सांतुनू बिष्ट सहित अन्य जनप्रतिनिधि, विभागीय अधिकारी और क्षेत्रवासी मौजूद रहे।
