कलेक्ट्रेट में समाधान दिवस: 140 जनसमस्याएं, अतिक्रमण से पेंशन ठगी तक पर डीएम के कड़े निर्देश

देहरादून, 24 अगस्त। कलेक्ट्रेट सभागार में सोमवार को जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान की अध्यक्षता में समाधान दिवस आयोजित किया गया। जनसुनवाई में 140 फरियादियों ने अपनी समस्याएं रखीं। जिलाधिकारी ने कई मामलों का मौके पर ही संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए, जबकि शेष शिकायतों के समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के लिए अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई।

समाधान दिवस में भूमि अतिक्रमण, नाला बंद होने से जलभराव, विधवा पेंशन के नाम पर कथित ठगी, घरेलू हिंसा, संपत्ति विवाद और विकास कार्यों में देरी जैसे मामले प्रमुखता से सामने आए।

अतिक्रमण पर डीएम सख्त

ग्राम पंचायत छरबा स्थित लांघा रोड इंडस्ट्रियल एरिया में मेसर्स हैब फार्मास्युटिकल एंड रिसर्च लिमिटेड पर बरसाती नाले और ग्राम समाज की भूमि पर दीवार निर्माण कर जलभराव की स्थिति पैदा करने का आरोप लगाया गया। साथ ही बबली देवी की जमीन के दो खसरा नंबरों पर अवैध कब्जे की शिकायत भी सामने आई।

मामले का संज्ञान लेते हुए डीएम ने तहसीलदार विकासनगर और प्रबंधक जिला उद्योग केंद्र को मौके पर जाकर जांच करने तथा अतिक्रमण पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए। ग्राम लक्ष्मीपुर में ग्राम समाज की भूमि पर अवैध निर्माण की शिकायत पर भी एसडीएम विकासनगर को तत्काल जांच के निर्देश दिए गए।

विधवा पेंशन के नाम पर रुपये मांगने का आरोप

देवऋषि कॉलोनी निवासी जूली ने शिकायत की कि सीएससी सेंटर संचालक ने विधवा पेंशन बनवाने के नाम पर 10 हजार रुपये मांगे और 4 हजार रुपये लेने के बाद भी उनके मूल दस्तावेज वापस नहीं किए।

डीएम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तहसीलदार, जिला कार्यक्रम अधिकारी और संबंधित कोतवाली प्रभारी को संयुक्त जांच कर आरोपी के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए।

बुजुर्ग महिला ने लगाया उत्पीड़न का आरोप

ऋषिकेश निवासी 65 वर्षीय राधारानी ने अपने बेटे और बहू पर मारपीट करने, घर से निकालने और भरण-पोषण नहीं देने के आरोप लगाए। डीएम ने मामले में सीओ ऋषिकेश और महिला आयोग की टीम को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।

वहीं सीमाद्वार निवासी नीमा टोलिया ने पति की मृत्यु के बाद सास और ननद पर संपत्ति हड़पने तथा शारीरिक एवं मानसिक उत्पीड़न के आरोप लगाए। मामले को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को भेजते हुए आवश्यक कानूनी सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।

विकास कार्यों और मुआवजे से जुड़े मामले भी पहुंचे

लखवाड़ बांध प्रभावित ग्राम पंचायत के किसानों ने तकनीकी चूक के कारण मुआवजे से वंचित रहने की समस्या रखी। डीएम ने मामले के निस्तारण की जिम्मेदारी एसएलएओ को सौंपी।

पांववाला सौड़ा में वित्तीय स्वीकृति नहीं मिलने से लंबित सड़क निर्माण के मामले में लोनिवि के अधिशासी अभियंता को कार्रवाई के निर्देश दिए गए। वहीं बालाजी विहार में सिंचाई नाले से हो रहे भू-कटाव को रोकने के लिए सिंचाई विभाग और वन विभाग को आवश्यक कार्य शुरू करने को कहा गया।

मोहब्बेवाला स्थित स्पायर स्पोर्ट्स अकादमी में कार्यरत एक कर्मचारी की करंट लगने से हुई संदिग्ध मौत के मामले में ईई यूपीसीएल को जांच के निर्देश दिए गए।

“शिकायतों को औपचारिकता न समझें अधिकारी”

जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि समाधान दिवस में आने वाली शिकायतों को केवल औपचारिकता के रूप में न लिया जाए। प्रत्येक प्रकरण का गुणवत्तापूर्ण, पारदर्शी और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।

उन्होंने कहा कि शिकायतकर्ता को समाधान के लिए बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। संबंधित अधिकारी स्वयं जिम्मेदारी लेकर मामले का निस्तारण करें और इसकी प्रभावी रिपोर्ट भी सुनिश्चित करें।

समाधान दिवस में अपर जिलाधिकारी (एफआर) केके मिश्रा, अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) स्मृता परमार, एसडीएम अपर्णा सिंह, जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार, जिला कार्यक्रम अधिकारी जीतेन्द्र कुमार सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी तथा वर्चुअल माध्यम से समस्त उप जिलाधिकारी मौजूद रहे।

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