गलत प्रमाणपत्रों के आधार पर हुई नियुक्ति पर बड़ी कार्रवाई, पेयजल निगम के अधिशासी अभियंता बर्खास्त

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2014 भर्ती प्रक्रिया में अनियमितताओं का मामला, एक अन्य अभियंता की जांच रिपोर्ट भी शासन को भेजी
देहरादून। उत्तराखंड पेयजल निगम में वर्ष 2014 की भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर बड़ी कार्रवाई की गई है। निगम प्रबंधन ने गलत प्रमाणपत्रों के आधार पर नियुक्ति पाने वाले अधिशासी अभियंता अशोक प्रजापति की सेवाएं समाप्त कर दी हैं। वहीं इसी भर्ती से जुड़े एक अन्य मामले में प्रभारी अधिशासी अभियंता अनीसा जाटव की जांच पूरी होने के बाद रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है। अब इस मामले में अंतिम निर्णय शासन स्तर पर लिया जाएगा।
जानकारी के अनुसार वर्ष 2023 में इस भर्ती को लेकर शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायत के बाद कराई गई विभागीय जांच में सामने आया कि अशोक प्रजापति ने खेल कोटे के तहत नियुक्ति प्राप्त करने के लिए ऐसा खेल प्रमाणपत्र प्रस्तुत किया था, जो निर्धारित नियमों के अनुरूप मान्य नहीं पाया गया। जांच में यह भी सामने आया कि उन्होंने पंतनगर विश्वविद्यालय का खेल प्रमाणपत्र तो लगाया था, लेकिन नियमानुसार न तो उन्हें कोई पदक प्राप्त था और न ही उन्होंने राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में भाग लिया था।
जांच रिपोर्ट शासन को भेजे जाने के बाद शासन ने नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद पेयजल निगम प्रबंधन ने अशोक प्रजापति से स्पष्टीकरण मांगा। जवाब का परीक्षण करने के बाद निगम ने उन्हें सेवा से बर्खास्त करने का आदेश जारी कर दिया। इस कार्रवाई के बाद विभाग में हड़कंप की स्थिति बनी हुई है।
दूसरे मामले में प्रभारी अधिशासी अभियंता अनीसा जाटव पर आरोप है कि उन्होंने नौकरी के लिए आवेदन करते समय उत्तर प्रदेश के बिजनौर का जाति प्रमाणपत्र लगाया था, जबकि नियुक्ति के समय उत्तराखंड का जाति प्रमाणपत्र प्रस्तुत किया। नियमों के अनुसार एक ही व्यक्ति अलग-अलग राज्यों से आरक्षण का लाभ नहीं ले सकता। विभागीय जांच पूरी होने के बाद निगम प्रबंधन ने पूरी रिपोर्ट शासन को भेज दी है। शासन ने इस प्रकरण को विधिक परीक्षण के लिए न्याय विभाग को भेजा है। अंतिम निर्णय शासन के निर्देश मिलने के बाद लिया जाएगा।
पेयजल निगम की इस कार्रवाई को वर्ष 2014 की भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के खिलाफ बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है। यदि शासन अनीसा जाटव के मामले में भी कार्रवाई के निर्देश देता है, तो इस भर्ती से जुड़े विवाद और गहरा सकते हैं।

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