फोर्स क्लोज पर जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान सख्त, सड़क की गुणवत्ता जांच के निर्देश
देहरादून, 25 सितंबर 2026। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के क्रम में जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने सीएम हेल्पलाइन पर प्राप्त शिकायतों के निस्तारण की स्थिति की गंभीरता से समीक्षा शुरू कर दी है। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को पोर्टल पर बंद की गई शिकायतों की स्थलीय जांच कराने के निर्देश दिए हैं, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि शिकायतकर्ता की समस्या का वास्तव में समाधान हुआ है या नहीं।
इसी क्रम में विकासखंड डोईवाला के वार्ड संख्या-9, रेशम माजरी में सड़क के गड्ढों से संबंधित एक शिकायत की स्थलीय जांच कराई गई। जांच के दौरान सामने आया कि संबंधित सड़क की कुछ माह पूर्व मरम्मत कराई गई थी, लेकिन मौके पर अभी भी कई स्थानों पर गड्ढे पाए गए।
स्थलीय निरीक्षण में सड़क की गुणवत्ता भी संतोषजनक नहीं पाई गई। वहीं, स्थानीय ग्रामीणों ने बरसात के दौरान सड़क पर जलभराव की आशंका भी जताई। शिकायत के पूरी तरह दूर नहीं होने के बावजूद उसे बंद किए जाने के मामले को जिलाधिकारी ने गंभीरता से लिया है।
अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस
प्रकरण में जिलाधिकारी की ओर से संबंधित अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। साथ ही अधीक्षण अभियंता, लोक निर्माण विभाग को सड़क की वर्तमान स्थिति तथा पूर्व में कराए गए मरम्मत कार्य की गुणवत्ता की जांच कराने के निर्देश दिए गए हैं।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि सीएम हेल्पलाइन पर किसी शिकायत को केवल पोर्टल पर बंद कर देना उसका निस्तारण नहीं माना जाएगा। शिकायतकर्ता की समस्या का वास्तविक समाधान सुनिश्चित करना संबंधित अधिकारी की जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि बिना समाधान के शिकायतों को ‘फोर्स क्लोज’ करने के मामलों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जांच में जिस अधिकारी या कर्मचारी की जिम्मेदारी सामने आएगी, उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
शिकायतकर्ता की संतुष्टि पर जोर
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की ओर से भी अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों को अनावश्यक रूप से ‘फोर्स क्लोज’ न किया जाए। शिकायत बंद करने से पहले समस्या के समाधान और शिकायतकर्ता की संतुष्टि को सुनिश्चित किया जाए।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सीएम हेल्पलाइन से प्राप्त शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए मौके पर जाकर स्थिति का सत्यापन करें और शिकायतकर्ता को वास्तविक राहत उपलब्ध कराएं।
