हरिद्वार। गंगा नदी में इन दिनों जलस्तर बढ़ा हुआ है और तेज बहाव के बीच सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो ने प्रशासन और संबंधित विभागों की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। वायरल वीडियो में कुछ लोग घोड़े के साथ गंगा की तेज धार के बीच पहुंचकर रेत निकालते हुए दिखाई दे रहे हैं।
वीडियो सामने आने के बाद सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि आखिर गंगा की धारा के बीच इस तरह रेत निकालने की अनुमति किसने दी? यदि यह गतिविधि रेत उत्खनन से जुड़ी है तो क्या इसके लिए संबंधित विभाग से वैध अनुमति ली गई है? वहीं, गंगा के बढ़े हुए जलस्तर के बावजूद लोगों का नदी की तेज धार में उतरना सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी चिंता पैदा करता है।
तेज बहाव के बीच नदी में उतरना जोखिम भरा
बरसात के मौसम में गंगा का जलस्तर और बहाव तेजी से बदल सकता है। ऐसे में नदी के बीच उतरना किसी बड़े हादसे को न्योता दे सकता है। वायरल वीडियो में जिस तरह लोग घोड़े के साथ नदी की धारा में नजर आ रहे हैं, उससे उनकी सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
स्थानीय स्तर पर यह चर्चा भी तेज है कि यदि नदी के बीच से वास्तव में रेत निकाली जा रही है तो इस गतिविधि पर निगरानी कौन कर रहा है और संबंधित विभाग की टीम मौके पर पहुंचकर इसकी जांच क्यों नहीं कर रही है।
रेत उत्खनन की वैधता पर भी सवाल
गंगा नदी से रेत या अन्य खनिज सामग्री निकालने के लिए नियमानुसार अनुमति और निर्धारित प्रक्रिया का पालन आवश्यक होता है। ऐसे में वायरल वीडियो सामने आने के बाद यह जांच का विषय है कि वीडियो में दिखाई दे रही गतिविधि किसी वैध अनुमति के तहत हो रही थी या नहीं।
यदि बिना अनुमति रेत निकाली जा रही है तो यह गंभीर मामला हो सकता है। वहीं, यदि संबंधित व्यक्ति के पास वैध अनुमति है तो उसके तहत निर्धारित शर्तों का पालन किया जा रहा है या नहीं, यह भी जांच का विषय है।
प्रशासन की निगरानी व्यवस्था पर उठे सवाल
वीडियो वायरल होने के बाद अब लोगों की नजर प्रशासन और संबंधित विभाग की कार्रवाई पर है। सवाल यह भी है कि गंगा के संवेदनशील क्षेत्रों में अवैध खनन अथवा अन्य गतिविधियों पर निगरानी के लिए क्या पर्याप्त व्यवस्था है।
लोगों का कहना है कि सोशल मीडिया पर वीडियो सामने आने के बाद केवल वीडियो वायरल होने तक मामला सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि संबंधित विभाग को मौके की वास्तविक स्थिति की जांच करनी चाहिए और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर कार्रवाई करनी चाहिए।
वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं
दून वैली टाइम्स इस वायरल वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है। वीडियो में दिखाई दे रही गतिविधि कब और किस स्थान पर रिकॉर्ड की गई, इसकी आधिकारिक पुष्टि भी अभी सामने नहीं आई है। वीडियो में रेत निकालने की गतिविधि की वास्तविक स्थिति और इसकी वैधानिकता संबंधित विभाग की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
अब देखना होगा कि Haridwar Police और संबंधित प्रशासनिक एवं खनन विभाग इस वायरल वीडियो का संज्ञान लेकर जांच करते हैं या नहीं।
