जान हथेली पर रखकर नदी पार करने को मजबूर ग्रामीण, बरसात में बढ़ जाती है मुश्किलें; दर्जनों गांवों के हजारों लोग प्रभावित
देहरादून। सहसपुर विधानसभा क्षेत्र के सोरना और विकासनगर विधानसभा क्षेत्र के रुद्रपुर को जोड़ने वाली गौना नदी पर पुल नहीं होने से दोनों क्षेत्रों के ग्रामीणों को लंबे समय से आवागमन की गंभीर समस्या का सामना करना पड़ रहा है। खासकर बरसात के मौसम में नदी का जलस्तर बढ़ते ही हालात और अधिक चिंताजनक हो जाते हैं। ग्रामीणों को जान जोखिम में डालकर नदी पार करनी पड़ती है।
वर्तमान में नदी पार करने के लिए ग्रामीण जिस तरह जोखिम उठा रहे हैं, उसका अंदाजा वायरल हो रहे वीडियो से लगाया जा सकता है। पानी का बहाव बढ़ने के बावजूद लोगों को जरूरी कामों के लिए नदी पार करनी पड़ती है। ऐसे में कभी भी बड़ा हादसा होने की आशंका बनी रहती है।
जलस्तर बढ़ते ही बंद हो जाता है रास्ता
गौना नदी पर स्थायी पुल नहीं होने का सबसे ज्यादा असर बरसात के दिनों में दिखाई देता है। नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद दोनों ओर का संपर्क प्रभावित हो जाता है। इससे स्कूली बच्चों, किसानों, मजदूरों, मरीजों, महिलाओं और रोजाना काम के लिए आने-जाने वाले ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
ग्रामीणों के मुताबिक, नदी के उफान पर आने के बाद कई बार लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ता है। जरूरी चिकित्सा सेवाओं के लिए जाने वाले मरीजों और स्कूली बच्चों के लिए स्थिति और गंभीर हो जाती है।
कई बार हो चुके हैं हादसे
ग्रामीणों का कहना है कि गौना नदी को पार करना कोई सामान्य रास्ता नहीं है। बरसात में तेज बहाव के बीच नदी पार करते समय कई मौकों पर हादसे भी हो चुके हैं। इसके बावजूद वर्षों से चली आ रही पुल निर्माण की मांग अभी तक पूरी नहीं हो पाई है।
ग्रामीणों का आरोप है कि समस्या को लेकर कई बार आंदोलन किए गए और संबंधित अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन भी दिए गए। समस्या को मुख्यमंत्री स्तर तक पहुंचाने की बात भी ग्रामीणों की ओर से कही गई है, लेकिन इसके बावजूद पुल निर्माण का इंतजार खत्म नहीं हुआ।
स्वीकृति की बात, फिर भी निर्माण क्यों नहीं?
ग्रामीणों का सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब गौना नदी पर पुल की जरूरत वर्षों से महसूस की जा रही है और पुल निर्माण को लेकर स्वीकृति की बात भी सामने आ चुकी है, तो आखिर निर्माण कार्य धरातल पर क्यों नहीं उतर रहा है?
ग्रामीणों का कहना है कि हर साल बरसात आने से पहले उन्हें आश्वासन मिलते हैं, लेकिन बरसात खत्म होते ही समस्या फिर पीछे छूट जाती है। उनका कहना है कि अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि पुल निर्माण की स्पष्ट समयसीमा बताई जानी चाहिए।
हजारों लोगों की सुरक्षा से जुड़ा मामला
गौना नदी पर पुल का निर्माण सिर्फ दो क्षेत्रों को जोड़ने वाला विकास कार्य नहीं है, बल्कि यह हजारों ग्रामीणों की सुरक्षा और सुगम आवागमन से जुड़ा बुनियादी ढांचा है। पुल बनने से सहसपुर और विकासनगर विधानसभा क्षेत्रों के बीच आवागमन आसान होगा और दर्जनों गांवों के ग्रामीणों को बरसात के दौरान होने वाली परेशानी से राहत मिल सकेगी।
ग्रामीणों ने सरकार और संबंधित विभाग से मांग की है कि गौना नदी पर पुल निर्माण की स्थिति स्पष्ट की जाए और निर्माण शुरू करने की निश्चित तारीख तथा पूरा होने की समयसीमा सार्वजनिक की जाए, ताकि हर साल बरसात में ग्रामीणों को जान जोखिम में डालकर नदी पार न करनी पड़े।
अब सवाल यही है—आखिर गौना नदी पर पुल कब बनेगा और ग्रामीणों को इस जोखिम भरे सफर से कब मिलेगी मुक्ति?
