महिलाओं की पहचान सिर्फ रिश्तों से नहीं, अपने सपनों और उपलब्धियों से है: राहुल गांधी

पुणे, महाराष्ट्र। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने पुणे, महाराष्ट्र में आयोजित ‘छात्रों की गूंज | महिला स्पेशल महा रैली’ को संबोधित करते हुए महिलाओं की पहचान और आत्मनिर्भरता को लेकर महत्वपूर्ण बात कही।

राहुल गांधी ने कहा कि एक बात गांठ बांध लीजिए—सिर्फ मां, बेटी, बहन या पत्नी होना महिलाओं की पहचान नहीं है। उन्होंने कहा कि महिलाओं की पहचान उनके अपने सपनों, आकांक्षाओं और उपलब्धियों से होती है।

उन्होंने कहा कि जीवन में हर रिश्ता महत्वपूर्ण है, लेकिन इन रिश्तों से भी अधिक जरूरी महिला का अपना अस्तित्व और उसकी अपनी पहचान है। महिलाओं को अपने सपनों और लक्ष्यों को लेकर आगे बढ़ना चाहिए तथा अपनी उपलब्धियों के जरिए समाज में अपनी अलग पहचान बनानी चाहिए।

राहुल गांधी का यह संदेश महिला सशक्तिकरण और महिलाओं के आत्मसम्मान को केंद्र में रखने वाला रहा। उन्होंने महिलाओं से अपनी पहचान को स्वयं परिभाषित करने और अपने सपनों को पूरा करने की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया।

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