डीएम के लिखित आश्वासन के बाद संजय डोभाल का धरना स्थगित, बोले- जनता के हित की लड़ाई जारी रहेगी

उत्तरकाशी। जिला योजना वर्ष 2026-27 में संशोधन एवं पुनर्विचार समेत जनहित की विभिन्न मांगों को लेकर यमुनोत्री विधायक संजय डोभाल की ओर से चलाया जा रहा अनिश्चितकालीन धरना जिलाधिकारी उत्तरकाशी के लिखित आश्वासन के बाद स्थगित कर दिया गया है। प्रशासन की ओर से विधायक की मांगों पर आवश्यक कार्रवाई के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं।

जिलाधिकारी उत्तरकाशी प्रशांत आर्य की ओर से जारी लिखित पत्र में यमुनोत्री विधायक संजय डोभाल द्वारा जिला योजना 2026-27 में संशोधन एवं पुनर्विचार के लिए प्रस्तुत किए गए प्रस्ताव और सुझावों पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। पत्र में संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि प्राप्त सुझावों पर आवश्यक संशोधन एवं पुनर्विचार की कार्रवाई के लिए अगस्त माह के अंत तक बैठक आयोजित कर नियमानुसार कार्रवाई पूरी की जाए।

लिखित आश्वासन के बाद धरना स्थगित

जिलाधिकारी के लिखित आश्वासन के बाद विधायक संजय डोभाल ने अपना धरना स्थगित करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि जनहित की मांगों को लेकर शुरू किया गया धरना किसी व्यक्तिगत हित के लिए नहीं था, बल्कि क्षेत्र की जनता की जायज मांगों और विकास के अधिकार के लिए था।

उन्होंने कहा कि जिलाधिकारी की ओर से मांगों पर लिखित रूप से आश्वासन दिया गया है। अब इन आश्वासनों के समयबद्ध क्रियान्वयन की प्रतीक्षा की जाएगी।

‘यह केवल संजय डोभाल की लड़ाई नहीं’

विधायक संजय डोभाल ने कहा कि जिला योजना में संशोधन एवं पुनर्विचार की मांग को लेकर उठाई गई आवाज केवल उनकी व्यक्तिगत लड़ाई नहीं थी। यह पूरे उत्तरकाशी जनपद की लड़ाई थी।

उन्होंने कहा कि यह मुद्दा उत्तरकाशी की हर विधानसभा, क्षेत्र पंचायत, जिला पंचायत, ग्राम प्रधान और उस अंतिम व्यक्ति से जुड़ा है, जिसकी उम्मीदें अपने गांव, क्षेत्र और बच्चों के बेहतर भविष्य से जुड़ी हैं।

‘जिला योजना का पैसा जनता का है’

संजय डोभाल ने कहा कि जिला योजना का पैसा किसी व्यक्ति विशेष का पैसा नहीं है, बल्कि जनता का पैसा है। इसका इस्तेमाल जनता की प्राथमिकताओं और स्थानीय जरूरतों के अनुसार पूरी पारदर्शिता के साथ होना चाहिए।

उन्होंने कहा कि जिला योजना में विकास कार्यों का निर्धारण स्थानीय आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर किया जाना चाहिए, ताकि योजनाओं का वास्तविक लाभ ग्रामीण क्षेत्रों और आम लोगों तक पहुंच सके।

प्रशासन ने अगस्त के अंत तक बैठक के दिए निर्देश

जिलाधिकारी कार्यालय से जारी पत्र में कहा गया है कि विधायक द्वारा दिए गए प्रस्ताव और सुझावों को जिला योजना 2026-27 में आवश्यक संशोधन एवं पुनर्विचार की कार्रवाई के लिए अगस्त माह के अंत तक बैठक कर नियमानुसार कार्रवाई पूरी की जाए।

इससे अब जिला योजना में उठाए गए सुझावों और प्रस्तावों पर प्रशासनिक स्तर पर आगे की प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है।

‘धरना स्थगित, संघर्ष नहीं’

विधायक ने स्पष्ट किया कि लिखित आश्वासन के बाद धरना स्थगित किया गया है, लेकिन जनता के हित से जुड़े मुद्दों पर उनका संघर्ष जारी रहेगा।

उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता की आवाज उठाना उनका कर्तव्य है और वह अपनी जिम्मेदारी से पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने प्रशासन से लिखित आश्वासन में किए गए वादों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने की अपेक्षा भी जताई।

संजय डोभाल ने कहा कि लोकतंत्र में जनता की आवाज सबसे महत्वपूर्ण है। जब जनहित के सवालों को मजबूती से उठाया जाता है तो व्यवस्था को भी जनता की प्राथमिकताओं पर ध्यान देना पड़ता है।

‘यह जनता की आवाज और लोकतंत्र की जीत’

विधायक ने प्रशासन की ओर से कार्रवाई के निर्देश जारी होने को उत्तरकाशी की जनता की आवाज, जनप्रतिनिधियों के संघर्ष और लोकतंत्र की ताकत की जीत बताया।

उन्होंने कहा कि यह संघर्ष किसी एक व्यक्ति के लिए नहीं था। इसका उद्देश्य जिला योजना में जनता की प्राथमिकताओं को उचित स्थान दिलाना और विकास कार्यों को जरूरत के अनुरूप आगे बढ़ाना है।

संजय डोभाल ने धरने के दौरान सहयोग, विश्वास और समर्थन देने के लिए उत्तरकाशी की जनता का हृदय से आभार जताया। उन्होंने कहा कि जब तक उत्तरकाशी के अंतिम गांव और अंतिम व्यक्ति के हित की बात मजबूती से नहीं रखी जाएगी, तब तक उनकी आवाज उठती रहेगी।

About The Author