द्वाराहाट। द्वाराहाट के मुख्य बाजार चौक पर बुधवार को भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच उस समय तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई, जब भाजपा द्वारा कांग्रेस विधायक मदन सिंह बिष्ट का पुतला दहन किया जा रहा था। इसी दौरान विधायक स्वयं अपने समर्थकों के साथ मौके पर पहुंच गए, जिसके बाद दोनों पक्षों में तीखी नोकझोंक और धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई। पुलिस को हस्तक्षेप कर हालात संभालने पड़े।

जानकारी के अनुसार, तीन दिन पूर्व आयोजित बहुद्देशीय शिविर को लेकर शुरू हुआ राजनीतिक विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। इसी क्रम में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बुधवार को राज्य और केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर पुतला दहन किया। कांग्रेस नेताओं ने सरकार की नीतियों को जनविरोधी बताते हुए जमकर नारेबाजी की।
वहीं भाजपा ने कांग्रेस विधायक मदन सिंह बिष्ट के खिलाफ विरोध प्रदर्शन और पुतला दहन कार्यक्रम आयोजित किया था। दोपहर बाद मुख्य चौक पर भाजपा कार्यकर्ता विधायक का पुतला लेकर एकत्र हुए और प्रदर्शन शुरू किया। इसी बीच विधायक मदन सिंह बिष्ट अपने समर्थकों के साथ मौके पर पहुंच गए।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार विधायक ने भाजपा कार्यकर्ताओं से कहा कि यदि विरोध करना है तो वह स्वयं मौके पर मौजूद हैं, पुतला जलाने के बजाय उन्हें ही जला दें। विधायक की इस टिप्पणी के बाद माहौल गर्मा गया और दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई।
स्थिति तब और बिगड़ गई जब कुछ कांग्रेस समर्थकों ने पुतले पर लगे विधायक के पोस्टर को फाड़ दिया। इसके बाद भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए तथा नारेबाजी के बीच धक्का-मुक्की की नौबत आ गई। मुख्य बाजार चौक पर कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने तत्काल हस्तक्षेप किया और दोनों पक्षों को अलग कर स्थिति को नियंत्रित किया। काफी समझाइश के बाद माहौल शांत हुआ। इसके बाद भाजपा कार्यकर्ताओं ने पुनः विधायक मदन सिंह बिष्ट का पुतला दहन कर अपना विरोध दर्ज कराया।
घटना के बाद पूरे क्षेत्र में राजनीतिक चर्चाओं का दौर चलता रहा। दोनों दलों ने एक-दूसरे पर राजनीतिक मर्यादाओं का उल्लंघन करने और माहौल खराब करने के आरोप लगाए। पुलिस प्रशासन ने क्षेत्र में शांति बनाए रखने की अपील करते हुए स्थिति को पूरी तरह नियंत्रण में बताया है।




