उत्तरकाशी। सीमांत पर्यटन स्थल हर्षिल में भागीरथी नदी का लगातार बढ़ता जलस्तर एक बार फिर चिंता का कारण बन गया है। धराली आपदा के बाद क्षेत्र में पहले से बनी संवेदनशील स्थिति के बीच नदी का तेज बहाव अब जीएमवीएन (गढ़वाल मंडल विकास निगम) के गेस्ट हाउस और हर्षिल पुलिस चौकी के लिए खतरा बनता दिखाई दे रहा है। प्रशासन और स्थानीय लोग पूरी रात हालात पर नजर बनाए हुए हैं, जबकि मौके पर मशीनरी भी लगातार सुरक्षा कार्य में जुटी हुई है।
जानकारी के अनुसार, शुक्रवार रात चैनलाइजेशन कार्य के दौरान भागीरथी नदी के बीच जमा किया गया मलबे का बड़ा टीला अचानक तेज बहाव में बह गया। इसके बाद नदी की मुख्य धारा का रुख बदलकर सीधे आबादी वाले क्षेत्र और महत्वपूर्ण सरकारी परिसरों की ओर हो गया। इससे जीएमवीएन गेस्ट हाउस और पुलिस चौकी के आसपास कटाव का खतरा काफी बढ़ गया है।
जीएमवीएन हर्षिल से मिली जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार रात अचानक नदी का जलस्तर बढ़ने से परिसर के पास स्थित एक पुराना टीनेशेड भी तेज बहाव में बह गया। शनिवार रात तक भी नदी का जलस्तर ऊंचा बना रहा, जिससे गेस्ट हाउस के आसपास लगातार कटाव की आशंका बनी हुई है।
स्थिति को देखते हुए प्रशासन, आपदा प्रबंधन की टीमें और स्थानीय मशीनरी पूरी रात निगरानी में जुटी रहीं। संभावित खतरे को देखते हुए सुरक्षा कार्य तेज कर दिए गए हैं ताकि नदी के बहाव को नियंत्रित किया जा सके और सरकारी परिसरों के साथ आसपास की आबादी को सुरक्षित रखा जा सके।
ग्रामीणों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन से तत्काल स्थायी सुरक्षा उपाय करने, तटबंधों को मजबूत बनाने और कटाव रोकने के लिए युद्धस्तर पर कार्य शुरू करने की मांग की है। उनका कहना है कि मानसून के दौरान हालात और गंभीर हो सकते हैं, इसलिए किसी भी संभावित आपदा से पहले प्रभावी कदम उठाना बेहद जरूरी है।
फिलहाल प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और नदी के जलस्तर में हो रहे बदलाव की निगरानी की जा रही है।




