विकासनगर, 2 जुलाई। उत्तराखंड स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी स्थानांतरण आदेश के बाद विकासनगर उप जिला चिकित्सालय से एक साथ बड़ी संख्या में चिकित्सकों और मेडिकल स्टाफ के तबादले कर दिए गए हैं। अचानक हुए इस बड़े फेरबदल से अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। स्थानीय लोगों, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों ने इस फैसले पर नाराजगी व्यक्त करते हुए सरकार से स्थानांतरण आदेश पर पुनर्विचार की मांग की है।
जानकारी के अनुसार, लंबे समय से विकासनगर अस्पताल में सेवाएं दे रहे वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. नरेंद्र सिंह चौहान का स्थानांतरण चंपावत कर दिया गया है। वहीं चिकित्सा अधीक्षक डॉ. प्रदीप चौहान को हरिद्वार भेजा गया है। इसके अलावा कई विशेषज्ञ चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टाफ का भी तबादला किया गया है। एक साथ इतने बड़े स्तर पर हुए स्थानांतरण से अस्पताल में डॉक्टरों की कमी होने की संभावना बढ़ गई है।
विकासनगर उप जिला चिकित्सालय पर विकासनगर के अलावा कालसी, चकराता, साहिया, त्यूणी और जौनसार-बावर क्षेत्र के हजारों मरीज उपचार के लिए निर्भर रहते हैं। प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीज ओपीडी, इमरजेंसी और वार्ड सेवाओं का लाभ लेने यहां पहुंचते हैं। ऐसे में विशेषज्ञ डॉक्टरों के जाने से मरीजों को इलाज के लिए देहरादून या निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ सकता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अस्पताल पहले से ही सीमित संसाधनों के साथ संचालित हो रहा है। ऐसे में बिना वैकल्पिक व्यवस्था किए बड़ी संख्या में डॉक्टरों का तबादला जनहित के खिलाफ है। लोगों का कहना है कि इससे दूरस्थ क्षेत्रों के गरीब मरीज सबसे अधिक प्रभावित होंगे।
क्षेत्र के सामाजिक संगठनों और जनप्रतिनिधियों ने सरकार से मांग की है कि स्थानांतरण आदेश पर पुनर्विचार किया जाए तथा रिक्त पदों पर तत्काल नए चिकित्सकों की नियुक्ति की जाए, ताकि स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित न हों। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो जनआंदोलन शुरू किया जाएगा।
विकासनगर सरकारी अस्पताल से चिकित्सकों के बंपर स्थानांतरण, स्वास्थ्य सेवाओं पर संकट के आसार




