मेडिकल स्टोरों पर सीसीटीवी अनिवार्य, अधिकृत दुकानों से ही दवा खरीदने और पक्का बिल लेने की अपील
दून वैली टाइम्स | देहरादून
उत्तराखंड में नकली और अवैध दवाओं के कारोबार पर रोक लगाने के लिए खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने सख्त कदम उठाए हैं। विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि प्रदेश में बिना लाइसेंस दवा बेचने वाले किसी भी व्यक्ति या प्रतिष्ठान को बख्शा नहीं जाएगा। आम जनता के स्वास्थ्य की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए मेडिकल स्टोरों की निगरानी और अधिक प्रभावी बनाने के लिए सीसीटीवी व्यवस्था भी अनिवार्य कर दी गई है।
खाद्य एवं औषधि प्रशासन के अपर आयुक्त ताजबर सिंह ने कहा कि नकली दवाओं का कारोबार लोगों के जीवन के साथ सीधा खिलवाड़ है और ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। विभाग लगातार मेडिकल स्टोरों का निरीक्षण कर रहा है और दवाओं की गुणवत्ता एवं बिक्री व्यवस्था पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में बिना वैध लाइसेंस दवा का भंडारण, बिक्री या वितरण पूरी तरह अवैध है। यदि कोई व्यक्ति या संस्था इस प्रकार की गतिविधियों में संलिप्त पाई जाती है तो उसके खिलाफ औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
अपर आयुक्त ने आम लोगों से भी सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने कहा कि दवाएं हमेशा अधिकृत एवं लाइसेंसधारी मेडिकल स्टोर से ही खरीदें और खरीदारी के समय पक्का बिल अवश्य लें। बिल सुरक्षित रखने से दवा की गुणवत्ता, बैच नंबर और शिकायत की स्थिति में आवश्यक कार्रवाई करने में सुविधा होती है।
FDA ने जनता से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि यदि कहीं नकली दवाओं की बिक्री, बिना लाइसेंस दवा कारोबार या किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिले तो तत्काल खाद्य एवं औषधि प्रशासन को सूचित करें। विभाग द्वारा प्राप्त शिकायतों पर त्वरित जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

विभाग का कहना है कि नकली दवाओं के कारोबार को पूरी तरह समाप्त करने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। मेडिकल स्टोरों पर निगरानी, नियमित निरीक्षण, दवाओं के नमूनों की जांच और जनजागरूकता के माध्यम से इस अवैध कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाने के प्रयास किए जा रहे हैं।




