डेंगू नियंत्रण, सीएम हेल्पलाइन, गड्ढा मुक्त सड़कें, बच्चों व महिलाओं की सुरक्षा और डिजिटल सेवाओं पर विशेष फोकस
दून वैली टाइम्स | देहरादून | 27 जुलाई
जनहित से जुड़े कार्यों को समयबद्ध और प्रभावी ढंग से लागू करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने सोमवार को ऋषिपर्णा सभागार, कलेक्ट्रेट में विभिन्न विभागों के कार्यों की समीक्षा बैठक की। बैठक में विकास कार्यों, जन शिकायतों, डिजिटल प्रशासन, स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क सुरक्षा, महिला सुरक्षा और नवाचार आधारित योजनाओं की विस्तार से समीक्षा करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी कार्य तय समयसीमा के भीतर गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं।

निष्प्रयोज्य सरकारी वाहनों की जल्द होगी नीलामी
बैठक में जिलाधिकारी ने विभिन्न विभागों में वर्षों से अनुपयोगी पड़े शासकीय वाहनों की नीलामी प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बेकार संसाधनों का समय पर निस्तारण कर सरकारी परिसंपत्तियों का बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित किया जाए।
डेंगू रोकथाम के लिए साफ-सफाई पर विशेष जोर
मानसून के मद्देनज़र जिलाधिकारी ने सभी सरकारी कार्यालय परिसरों को डेंगू मुक्त बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने नियमित साफ-सफाई, जलभराव की रोकथाम और कार्यालय परिसरों में लगी पानी की टंकियों की समय-समय पर सफाई सुनिश्चित करने को कहा, ताकि मच्छरों के प्रजनन पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।
ई-ऑफिस व्यवस्था को मिलेगा बढ़ावा
प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता और गति लाने के लिए जिलाधिकारी ने सभी विभागों को ई-ऑफिस प्रणाली का अधिकतम उपयोग करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक कार्यालयी कार्य डिजिटल माध्यम से किए जाएं, जिससे फाइलों का निस्तारण तेज और पारदर्शी हो सके।
सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों का समय पर निस्तारण करें अधिकारी
मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने लंबित शिकायतों पर नाराजगी जताई और अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण एवं निर्धारित समयसीमा के भीतर निस्तारण किया जाए। उन्होंने अनावश्यक रूप से लंबित मामलों को तत्काल कम करने के निर्देश भी दिए।
गड्ढा मुक्त सड़कें और मलबा हटाने के निर्देश
सड़कों की खराब स्थिति की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को गड्ढों की शीघ्र मरम्मत कराने के निर्देश दिए। साथ ही निर्माण एवं ध्वस्तीकरण (Construction and Demolition) से निकलने वाले मलबे को सड़कों पर न रखने और ऐसे स्थलों की पहचान कर तुरंत हटाने के आदेश दिए, ताकि आम जनता को आवागमन में परेशानी न हो।
बच्चों की सुरक्षा के लिए तैयार होंगे विशेष दिशा-निर्देश
जिलाधिकारी ने बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए ऐसे असुरक्षित स्थलों की पहचान करने के निर्देश दिए, जहां दुर्घटनाओं की संभावना बनी रहती है। उन्होंने जिला कार्यक्रम अधिकारी (डीपीओ) को अभिभावकों और विद्यालयों के लिए बच्चों की सुरक्षा संबंधी विस्तृत दिशा-निर्देश तैयार कर व्यापक स्तर पर प्रसारित करने के निर्देश दिए।
स्वास्थ्य और शिक्षा में नवाचार पर रहेगा फोकस
बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक और जनहितकारी बनाने के लिए कई नवाचारों पर चर्चा हुई। इनमें पीसीपीएनडीटी अधिनियम के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए नवविवाहित दंपतियों हेतु ऑनलाइन संकल्प प्रणाली, गर्भवती महिलाओं के लिए उपयोगी मोबाइल एप विकसित करना तथा अस्पतालों में मरीजों की सुविधा के लिए डिजिटल टोकन प्रणाली लागू करने जैसे सुझाव शामिल रहे।
शिक्षा के क्षेत्र में विद्यालयों में मंदारिन (Mandarin) भाषा के शिक्षण की संभावनाओं पर चर्चा हुई। साथ ही विद्यार्थियों को पॉक्सो अधिनियम, नशा मुक्ति और अन्य सामाजिक विषयों के प्रति जागरूक करने के लिए विशेष पाठ्यक्रम विकसित करने पर भी विचार किया गया।
महिला सुरक्षा और निराश्रित पशुओं के लिए नई पहल
बैठक में निराश्रित पशुओं के बेहतर प्रबंधन के लिए आरएफआईडी (RFID) चिप आधारित पहचान प्रणाली विकसित करने पर चर्चा की गई।
महिला सुरक्षा को और मजबूत बनाने के लिए सार्वजनिक स्थानों पर शी-टॉयलेट (She Toilet) स्थापित करने, शहर के डार्क स्पॉट्स की पहचान कर वहां आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने और महिलाओं के लिए सुरक्षित वातावरण विकसित करने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनहित से जुड़े प्रत्येक विषय पर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाए और विकास कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, अपर जिलाधिकारी के.के. मिश्रा सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।




