
देहरादून, 8 जुलाई। उत्तराखंड में सड़क परिवहन व्यवस्था को आधुनिक, सुरक्षित और पर्यावरण अनुकूल बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। देहरादून-दिल्ली एक्सप्रेसवे के संचालन के साथ ही डाटकाली से गणेशपुर तक की पुरानी सड़क को आम वाहनों के लिए बंद कर राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने वन विभाग को सौंप दिया है। वहीं, देहरादून-हरिद्वार राष्ट्रीय राजमार्ग पर सड़क सुरक्षा और ट्रैफिक जाम से राहत दिलाने के लिए सात नए फ्लाईओवर, 44 किलोमीटर लंबी सर्विस लेन और फुट ओवरब्रिज का निर्माण कार्य शुरू हो गया है।

पुरानी सड़क वन विभाग को सौंपी
डाटकाली से गणेशपुर के बीच लगभग 12 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड कॉरिडोर के शुरू होने के बाद पुरानी सड़क पर सामान्य वाहनों की आवाजाही बंद कर दी गई है। अब केवल मोहंड गांव तक ही वाहनों को जाने की अनुमति होगी। इसके आगे का मार्ग पूरी तरह वन विभाग के नियंत्रण में रहेगा। एनएचएआई ने इसकी जानकारी पुलिस प्रशासन को भी दे दी है ताकि सभी वाहनों को नए एलिवेटेड कॉरिडोर से संचालित किया जा सके।
वन्यजीव संरक्षण को मिलेगा बढ़ावा
एनएचएआई के अनुसार एलिवेटेड कॉरिडोर का निर्माण केवल यातायात को सुगम बनाने के लिए नहीं, बल्कि वन्यजीव संरक्षण को ध्यान में रखकर किया गया है। बरसाती नदी के ऊपर बने इस कॉरिडोर से जंगल के प्राकृतिक मार्ग सुरक्षित रहेंगे और वन्यजीवों के आवागमन में बाधा नहीं आएगी। साथ ही जंगल क्षेत्र में मानवीय हस्तक्षेप भी कम होगा।
देहरादून-हरिद्वार हाईवे पर बड़े निर्माण कार्य
देहरादून-हरिद्वार राष्ट्रीय राजमार्ग पर बढ़ते ट्रैफिक और सड़क दुर्घटनाओं को देखते हुए व्यापक रोड सेफ्टी प्लान पर काम शुरू हो गया है। योजना के तहत अगले ढाई वर्षों में सात नए फ्लाईओवर, दोनों ओर 44 किलोमीटर लंबी सर्विस लेन और दो फुट ओवरब्रिज बनाए जाएंगे।
इन स्थानों पर बनेंगे फ्लाईओवर
नई योजना के अनुसार जाखन पुल, जीवनगढ़, मियांवाला, छिद्दरवाला और रायवाला में फ्लाईओवर बनाए जाएंगे। जीवनगढ़ और रायवाला में दो-दो फ्लाईओवर प्रस्तावित हैं। वहीं मियांवाला से नकरौंदा तक लगभग 2.25 किलोमीटर लंबा फ्लाईओवर इस परियोजना का सबसे बड़ा निर्माण होगा।
यात्रियों को मिलेगा सुरक्षित और तेज सफर
परियोजनाओं के पूरा होने के बाद देहरादून-दिल्ली एक्सप्रेसवे पर यात्रा और अधिक तेज व सुगम होगी। वहीं देहरादून-हरिद्वार हाईवे पर ट्रैफिक जाम में कमी आएगी, सड़क हादसों पर नियंत्रण मिलेगा और स्थानीय यातायात के लिए अलग सर्विस लेन उपलब्ध होने से आवागमन अधिक व्यवस्थित होगा। पैदल यात्रियों की सुरक्षा के लिए फुट ओवरब्रिज भी बनाए जाएंगे।
उत्तराखंड सरकार और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण का मानना है कि ये परियोजनाएं राज्य में आधुनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण के लक्ष्य को भी आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।




