रानीखेत के घने जंगल में 6 दिन बाद मिली लापता युवती, संयुक्त रेस्क्यू अभियान से बची जान

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रानीखेत/अल्मोड़ा, 8 जुलाई। उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले के रानीखेत क्षेत्र में छह दिनों से लापता 28 वर्षीय युवती को पुलिस और बचाव एजेंसियों की संयुक्त टीम ने घने जंगल से सकुशल बरामद कर लिया। लगातार बारिश, दुर्गम पहाड़ी रास्तों और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बीच चलाए गए बड़े सर्च ऑपरेशन के बाद युवती को सुरक्षित बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया।

पुलिस के अनुसार, 3 जुलाई को कोतवाली रानीखेत में गिरीश पुजारी ने अपनी 28 वर्षीय मानसिक रूप से अस्वस्थ पुत्री की गुमशुदगी दर्ज कराई थी। परिजनों ने बताया कि युवती 1 जुलाई की शाम घर से बिना किसी को बताए निकल गई थी। काफी तलाश के बावजूद कोई सुराग नहीं मिलने पर पुलिस ने तत्काल गुमशुदगी दर्ज कर व्यापक खोज अभियान शुरू किया।

मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक चंद्रशेखर घोड़के के निर्देश पर अपर पुलिस अधीक्षक हरबंस सिंह और क्षेत्राधिकारी रानीखेत भावना कैंथोला की निगरानी में विशेष संयुक्त टीमों का गठन किया गया। प्रभारी निरीक्षक भुवन चंद्र जोशी और एसडीआरएफ प्रभारी उपनिरीक्षक पंकज डंगवाल के नेतृत्व में पुलिस, एसडीआरएफ, फायर सर्विस, पीएसी, डॉग स्क्वॉड और वन विभाग की टीमें लगातार जंगलों में सर्च ऑपरेशन चलाती रहीं।

तलाश के दौरान पुलिस ने 50 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज का गहन विश्लेषण किया। जांच में सामने आया कि युवती मजखाली क्षेत्र से बाहर नहीं गई थी। इसके बाद मजखाली, कालिका, दलमोटी, सुंदरखाल और बूबूधाम के आसपास के घने जंगलों में खोज अभियान तेज कर दिया गया।

लगातार पांच दिनों तक ड्रोन और डॉग स्क्वॉड की मदद से चलाए गए अभियान के दौरान मंगलवार शाम सुंदरखाल गांव से करीब चार किलोमीटर दूर घने जंगल में युवती सुरक्षित मिली। रेस्क्यू टीम ने मौके पर प्राथमिक उपचार देने के बाद उसे स्ट्रेचर के सहारे लगभग छह किलोमीटर पैदल लाकर एंबुलेंस से राजकीय चिकित्सालय रानीखेत भेजा, जहां उसका उपचार जारी है।

युवती के सकुशल मिलने पर परिजनों ने राहत की सांस ली और पुलिस, एसडीआरएफ, फायर सर्विस, पीएसी, डॉग स्क्वॉड तथा वन विभाग की संयुक्त टीम का आभार व्यक्त किया। स्थानीय लोगों ने भी इस सफल रेस्क्यू अभियान को टीमवर्क, आधुनिक तकनीक और सतर्कता का उत्कृष्ट उदाहरण बताया।

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