धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद कॉकरोच जनता पार्टी ने वापस लिया धरना, छात्रों से घर लौटने की अपील

नई दिल्ली, 25 जुलाई | दून वैली टाइम्स
नीट यूजी-2026 पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली में कथित अनियमितताओं के विरोध में पिछले 36 दिनों से दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहा कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का आंदोलन आखिरकार समाप्त हो गया। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद शुक्रवार शाम सरकार और CJP के बीच हुई बैठक में कई अहम मांगों पर सहमति बनने के बाद संगठन ने तत्काल प्रभाव से आंदोलन वापस लेने का ऐलान किया।
संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह के साथ CJP के प्रवक्ता सौरव दास और आशुतोष रांका मौजूद रहे। दोनों पक्षों ने बताया कि छात्रों के हितों से जुड़े प्रमुख मुद्दों पर सकारात्मक सहमति बनी है और सरकार ने संगठन की मुख्य मांगों को स्वीकार करने का आश्वासन दिया है।
प्रदर्शनकारियों से शांतिपूर्वक घर लौटने की अपील
CJP के प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि सरकार की ओर से दिए गए आश्वासनों पर भरोसा जताते हुए संगठन ने सद्भावना के आधार पर आंदोलन समाप्त करने का निर्णय लिया है। उन्होंने जंतर-मंतर पर मौजूद सभी प्रदर्शनकारियों से शांतिपूर्ण तरीके से अपने-अपने घर लौटने की अपील की।
वहीं, संगठन के नेता आशुतोष रांका ने कहा कि 36 दिनों तक चले आंदोलन का उद्देश्य छात्रों के हितों की रक्षा करना था। उन्होंने कहा कि संगठन की मांगें किसी विशेष वर्ग के लिए नहीं बल्कि देशभर के लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़ी थीं, जिन्हें सरकार ने गंभीरता से लिया है।
सरकार ने किन मांगों पर जताई सहमति?
CJP के अनुसार सरकार ने संगठन की तीन प्रमुख मांगों पर सहमति जताई है—
- केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, जो पूरा हो चुका है।
- आंदोलन में शामिल छात्रों के खिलाफ दर्ज सभी पुलिस मामलों (एफआईआर) को वापस लेने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी और भविष्य में भी उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं की जाएगी।
- नीट यूजी-2026 पेपर लीक विवाद से जुड़े मामलों में आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिजनों को नियमों के तहत अधिकतम संभव मुआवजा दिया जाएगा।
सौरव दास ने बताया कि संगठन ने प्रभावित परिवारों के लिए एक करोड़ रुपये मुआवजे की मांग रखी थी। सरकार ने नियमों के तहत अधिकतम मानद मुआवजा देने का आश्वासन दिया है।
पांच सूत्रीय मांग पत्र पर होगी अगली बैठक
CJP ने शिक्षा और परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार से जुड़ा अपना पांच सूत्रीय मांग पत्र भी सरकार को सौंप दिया है। संगठन का कहना है कि इस पर विस्तृत चर्चा के लिए करीब चार सप्ताह बाद सरकार और CJP के बीच दोबारा बैठक होगी।
सौरव दास ने बताया कि सरकार ने तीन से चार दिनों के भीतर आंदोलन से जुड़े सभी एफआईआर की प्रतियां उपलब्ध कराने और उन्हें वापस लेने की प्रक्रिया शुरू करने का भरोसा दिया है। साथ ही संगठन की लिखित मांगों पर सरकार मंगलवार तक औपचारिक जवाब भी दे सकती है।
नीट पेपर लीक के विरोध में शुरू हुआ था आंदोलन
CJP का आंदोलन 6 जून को दिल्ली के जंतर-मंतर से शुरू हुआ था। नीट यूजी-2026 पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली में कथित गड़बड़ियों के विरोध में शुरू हुए इस आंदोलन में देशभर से छात्र और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थी शामिल हुए।
आंदोलन के दौरान कई चरणों में प्रदर्शन हुए। 20 जुलाई को आयोजित ‘चलो संसद’ मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच टकराव भी हुआ था, जिसके बाद कई छात्रों पर पुलिस ने मुकदमे दर्ज किए थे।
जंतर-मंतर पर सामान्य स्थिति बहाल करने की तैयारी
आंदोलन समाप्त होने की घोषणा के बाद दिल्ली पुलिस ने भी लाउडस्पीकर के माध्यम से प्रदर्शनकारियों से धरना स्थल खाली करने की अपील की। पिछले एक महीने से अधिक समय तक चले आंदोलन के कारण जंतर-मंतर और आसपास के क्षेत्रों में यातायात प्रभावित रहा था। अब प्रशासन ने इलाके में सामान्य व्यवस्था बहाल करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
— दून वैली टाइम्स




