ना बजरी, ना सीमेंट, ना सरिया… प्लाईवुड के सहारे ‘विकास’!

एक माह में बह गया चैंबर का ढक्कन, 20 फीट गहरे गड्ढे ने खोली निर्माण गुणवत्ता की पोल; अमित पंवार बोले- रिबन काटने की जल्दी में जनता को गड्ढे में धकेला जा रहा

सेलाकुई। नगर पंचायत सेलाकुई के वार्ड नंबर-3 में विधायक निधि से कराए गए एक निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष अमित पंवार ने निर्माण कार्य में गंभीर अनियमितताओं और मानकों की अनदेखी के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि करीब एक माह पहले बनी सड़क पर स्थित चैंबर का ढक्कन बारिश के दौरान बह गया, जिसके बाद निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए।

अमित पंवार के मुताबिक, मौके पर निरीक्षण के दौरान चैंबर के ढक्कन में निर्माण सामग्री की गुणवत्ता को लेकर गंभीर स्थिति दिखाई दी। उन्होंने आरोप लगाया कि ढक्कन में न तो पर्याप्त बजरी दिखाई दे रही थी, न सीमेंट और न ही सरिया, जबकि निर्माण के भीतर प्लाईवुड के टुकड़े नजर आए। पंवार ने सवाल उठाया कि क्या जनता की सुरक्षा के लिए बनाए जाने वाले ऐसे निर्माण कार्यों में निर्धारित मानकों का पालन किया गया है।

उन्होंने कहा कि यदि एक माह के भीतर ही निर्माण का ढक्कन बारिश में बह जाता है तो इससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता और उसकी निगरानी व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न खड़े होते हैं। पंवार ने संबंधित विभाग और कार्यदायी संस्था से निर्माण कार्य की तकनीकी जांच कराने की मांग की है।

‘विकास से ज्यादा रिबन काटने की जल्दी’

ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष अमित पंवार ने विधायक सहदेव सिंह पुंडीर पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि क्षेत्र में विकास कार्यों की गुणवत्ता से अधिक उनके उद्घाटन की जल्दबाजी दिखाई जा रही है। उन्होंने कहा कि यदि कोई निर्माण कार्य एक महीने में ही बारिश के सामने टिक नहीं पाता तो उसे विकास का नाम देना जनता के साथ अन्याय है।

पंवार ने आरोप लगाया कि विधायक निधि के कार्यों के आवंटन और निर्माण प्रक्रिया में मानकों की अनदेखी की जा रही है। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी संबंधित विभाग और अधिकारियों की है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि निर्माण एजेंसियों को गुणवत्ता सुनिश्चित करने के बजाय केवल उद्घाटन की तारीख की चिंता है। उन्होंने मांग की कि विधायक निधि से कराए जा रहे सभी निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की जांच कराई जाए, ताकि सरकारी धन के इस्तेमाल और निर्माण मानकों की वास्तविक स्थिति सामने आ सके।

800 बच्चों के स्कूल के सामने 20 फीट गहरा गड्ढा

पंवार ने बताया कि जिस स्थान पर यह चैंबर बना है, उसके समीप हरिपुर क्षेत्र का पुराना अर्वाचीन मॉडर्न एकेडमी स्कूल भी स्थित है। उनके अनुसार, स्कूल में करीब 800 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं और इस सड़क से प्रतिदिन बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, स्कूली बच्चे और अन्य राहगीर आवाजाही करते हैं।

उन्होंने कहा कि सड़क पर बना करीब 20 फीट गहरा खुला चैंबर गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकता है। विशेष रूप से स्कूली बच्चों की आवाजाही को देखते हुए खुले गड्ढे को तत्काल सुरक्षित करना बेहद जरूरी है। पंवार ने आशंका जताई कि यदि कोई बच्चा या राहगीर अनजाने में इसमें गिर जाता है तो गंभीर हादसा हो सकता है।

उन्होंने प्रशासन से सवाल किया कि किसी दुर्घटना का इंतजार क्यों किया जा रहा है। उनका कहना है कि जब तक निर्माण की तकनीकी जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक खुले चैंबर को सुरक्षित तरीके से ढकने और आसपास सुरक्षा व्यवस्था करने की तत्काल आवश्यकता है।

उच्चस्तरीय जांच और कार्रवाई की मांग

अमित पंवार ने शासन और प्रशासन से पूरे मामले की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि संबंधित निर्माण कार्य की तकनीकी जांच कराई जाए और यह स्पष्ट किया जाए कि निर्माण किस कार्यदायी संस्था और ठेकेदार के माध्यम से कराया गया तथा इसकी निगरानी किस अधिकारी की जिम्मेदारी थी।

उन्होंने मांग की कि यदि जांच में निर्माण कार्य में मानकों की अनदेखी या लापरवाही सामने आती है तो संबंधित कार्यदायी संस्था और ठेकेदार के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाए। साथ ही दोषी पाए जाने वालों को ब्लैकलिस्ट करने की कार्रवाई भी की जाए।

पंवार ने कहा कि सरकारी धन से होने वाले विकास कार्यों में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए। जनता को बेहतर और सुरक्षित निर्माण उपलब्ध कराना सरकार और संबंधित विभाग की जिम्मेदारी है।

अब देखने वाली बात यह होगी कि प्रशासन इस मामले को कितनी गंभीरता से लेता है और क्या संबंधित निर्माण कार्य की तकनीकी जांच कराकर गुणवत्ता को लेकर उठाए गए सवालों का जवाब सामने लाया जाता है।

About The Author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *