नदियों में कूड़ा डालने वालों पर होगी FIR, अनधिकृत डंपिंग साइटों पर भी सख्ती

डीएम आशीष चौहान ने दिए कड़े निर्देश, लापरवाही पर तय होगी जिम्मेदारी; बल्क वेस्ट जनरेटरों की होगी पहचान

देहरादून, 05 सितंबर। शहरों में लगातार बढ़ रहे ठोस कचरे और उसके अनियंत्रित निस्तारण को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने सभी शहरी स्थानीय निकायों को ठोस अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था को प्रभावी बनाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि कूड़ा निस्तारण में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और अनधिकृत रूप से कूड़ा डंप करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

शनिवार को आयोजित बैठक में जिलाधिकारी ने सभी उप जिलाधिकारियों, नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायतों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन से संबंधित सर्वोच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों का अक्षरश: पालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने शहरी क्षेत्रों में स्थित डंपिंग यार्ड का नियमित निरीक्षण करने और यह सुनिश्चित करने को कहा कि शहर में किसी भी स्थान पर अनधिकृत तरीके से कूड़ा एकत्र या डंप न हो।

अनधिकृत डंपिंग साइट तत्काल चिन्हित होंगी

डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अपने-अपने क्षेत्रों में ऐसी सभी जगहों को तत्काल चिन्हित किया जाए, जहां अनधिकृत रूप से कूड़ा डंप किया जा रहा है। इन स्थानों पर संबंधित एजेंसी की जवाबदेही तय की जाएगी। निरीक्षण के दौरान लापरवाही सामने आने पर संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

नदियों में कूड़ा फेंकने पर सीधे FIR

नदियों और नदी किनारों को कूड़े से बचाने के लिए प्रशासन ने निगरानी बढ़ाने का फैसला लिया है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि नदियों में कूड़ा फेंकते हुए पकड़े जाने वाले लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई जाए। उन्होंने संवेदनशील स्थानों पर निगरानी व्यवस्था मजबूत करने और जरूरत वाले स्थानों पर जाली लगाने के निर्देश भी दिए, ताकि नदी में कूड़ा डालने की घटनाओं को रोका जा सके।

सेप्टिक टैंकरों पर भी रहेगी नजर

बैठक में सेप्टिक टैंकरों की नियमित निगरानी के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि सेप्टिक टैंकरों से निकलने वाले मल का निस्तारण निर्धारित सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) के माध्यम से उचित उपचार के बाद ही किया जाए। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।

बल्क वेस्ट जनरेटरों की होगी पहचान

शहरी क्षेत्रों में बड़ी मात्रा में कचरा पैदा करने वाले बल्क वेस्ट जनरेटर भी प्रशासन की निगरानी में होंगे। डीएम ने ऐसे सभी प्रतिष्ठानों और स्थानों को चिन्हित करने के निर्देश दिए हैं। यहां गीले और सूखे कचरे का अलग-अलग सेग्रीगेशन सुनिश्चित कराने तथा नियमानुसार निस्तारण कराने को कहा गया है।

हर माह पोर्टल पर अपलोड होंगे फोटोग्राफिक साक्ष्य

उप जिलाधिकारी अपर्णा ढौंडियाल ने बैठक में बताया कि सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विशेष प्रकोष्ठ का गठन किया गया है। न्यायालय के आदेशों की प्रति नगर निगम, नगर पालिका, नगर पंचायत, जिला पंचायत और छावनी परिषद के निर्वाचित प्रतिनिधियों एवं पार्षदों को उपलब्ध करा दी गई है।

उन्होंने बताया कि शहरी क्षेत्रों में बल्क वेस्ट जनरेटरों को चिन्हित करने की कार्रवाई जारी है। सभी निकायों को प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारियों एवं संबंधित सदस्यों के साथ डंपिंग साइटों का संयुक्त निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही कूड़ा प्रबंधन से संबंधित कार्यों के फोटोग्राफिक साक्ष्य निर्धारित पोर्टल पर हर माह नियमित रूप से अपलोड करने को कहा गया है।

बैठक में विभिन्न डंपिंग साइटों पर कूड़ा निस्तारण व्यवस्था के निरीक्षण से संबंधित जानकारी भी अधिकारियों ने प्रस्तुत की।

बैठक में अपर जिलाधिकारी (वि.रा.) केके मिश्रा, उप जिलाधिकारी अपर्णा ढौंडियाल समेत वर्चुअल माध्यम से सभी उप जिलाधिकारी, नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायतों के अधिकारी मौजूद रहे।

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