2027 चुनाव से पहले यूकेडी की सियासत गरमाई

कथित प्रत्याशी सूची पर उठे सवाल, केंद्रीय अध्यक्ष सुरेन्द्र कुकरेती बोले—‘गलती पे गलती’ बर्दाश्त नहीं

देहरादून। उत्तराखंड में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) की अंदरूनी राजनीति एक बार फिर चर्चा में है। आशुतोष नेगी के नाम से सामने आई 2027 विधानसभा चुनाव के संभावित प्रत्याशियों की कथित सूची को लेकर पार्टी के भीतर और राजनीतिक हलकों में सवाल उठ रहे हैं। इसी मामले और संगठन की आगामी रणनीति को लेकर यूकेडी के केंद्रीय अध्यक्ष सुरेन्द्र कुकरेती ने प्रेस को दिए बयान में पार्टी का रुख स्पष्ट किया।

कथित प्रत्याशी सूची की आधिकारिकता पर सवाल

आशुतोष नेगी के नाम से सामने आई संभावित प्रत्याशियों की सूची को लेकर सबसे बड़ा सवाल इसकी आधिकारिकता को लेकर है। पार्टी से छह वर्ष के लिए निष्कासन की कार्रवाई किए जाने की बात सामने आने के बाद सवाल उठ रहा है कि ऐसी स्थिति में उनके नाम से यूकेडी के प्रत्याशियों की सूची जारी करने का अधिकार किसके पास है।

क्या यह सूची पार्टी की अधिकृत घोषणा है या किसी व्यक्ति अथवा गुट की ओर से जारी की गई राजनीतिक सूची? फिलहाल इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में सूची में शामिल नामों को यूकेडी के अधिकृत प्रत्याशी मानना जल्दबाजी होगी।

बताया जा रहा है कि अनुशासनहीनता के आरोपों के चलते आशुतोष नेगी के खिलाफ छह वर्ष के निष्कासन की कार्रवाई की गई थी। वहीं, नेगी की ओर से इस कार्रवाई को चुनौती दिए जाने तथा स्वयं को उक्रांद से अलग न किए जा सकने की बात भी सामने आई थी।

‘गलती पे गलती’ करने वालों पर सख्त रुख

यूकेडी के केंद्रीय अध्यक्ष सुरेन्द्र कुकरेती ने प्रेस को दिए बयान में कहा कि एक गलती माफ की जा सकती है और दूसरी गलती भी माफ की जा सकती है, लेकिन यदि कोई गलती पर गलती करता रहेगा तो पार्टी इसे गंभीरता से लेगी।

कुकरेती ने आरोप लगाया कि कुछ लोग राष्ट्रीय राजनीतिक दलों से पोषित होकर यूकेडी की छवि को धूमिल करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यूकेडी का जमीनी आधार लगातार मजबूत हो रहा है और पार्टी की बढ़ती सक्रियता से राष्ट्रीय दलों में हलचल है।

उन्होंने संकेत दिया कि संगठन को कमजोर करने अथवा पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ संगठनात्मक स्तर पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

‘यूकेडी की डिक्शनरी में कोटा खत्म’

2027 विधानसभा चुनाव को लेकर पार्टी की रणनीति पर केंद्रीय अध्यक्ष सुरेन्द्र कुकरेती ने कहा कि उम्मीदवार चयन में किसी तरह के कोटे के बजाय धरातल पर काम करने वाले कार्यकर्ताओं को प्राथमिकता दी जाएगी।

उन्होंने कहा कि चुनाव के समय सभी को अवसर दिया जाएगा और यह देखा जाएगा कि कौन युवा है, कौन संगठन के लिए काम कर रहा है और कौन जनता के बीच सक्रिय है। कुकरेती ने स्पष्ट शब्दों में कहा—“उत्तराखंड क्रांति दल की डिक्शनरी में कोटा खत्म है।”

उन्होंने बताया कि संगठन को मजबूत करने के लिए गढ़वाल और कुमाऊं मंडल के लिए अलग-अलग टीमें तैयार की गई हैं। इन टीमों का आकलन किसी व्यक्ति विशेष के आधार पर नहीं, बल्कि जनता के बीच किए गए काम और मिलने वाले समर्थन के आधार पर किया जाएगा।

2027 से पहले संगठनात्मक परीक्षा

कथित प्रत्याशी सूची और केंद्रीय अध्यक्ष के बयान ने 2027 विधानसभा चुनाव से पहले यूकेडी के भीतर चल रही राजनीतिक गतिविधियों को फिर सुर्खियों में ला दिया है। अब देखना होगा कि पार्टी नेतृत्व संभावित प्रत्याशियों को लेकर कब और किस स्तर पर आधिकारिक घोषणा करता है।

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