देहरादून। उत्तराखंड के बहुचर्चित 70 करोड़ रुपये के कथित उद्यान घोटाले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) की जांच के बाद पूर्व उद्यान निदेशक डॉ. हरमिंदर सिंह बवेजा समेत चार आरोपियों को बड़ी राहत मिली है। हाईकोर्ट के निर्देश पर मामले की जांच कर रही CBI ने अपनी क्लोजर रिपोर्ट विशेष CBI अदालत में दाखिल की, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया।
CBI अदालत ने अपने आदेश में कहा कि जांच के दौरान भ्रष्टाचार, सरकारी धन के गबन या किसी प्रकार की मनी ट्रेल के पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिले। इसी आधार पर अदालत ने CBI की क्लोजर रिपोर्ट को मंजूरी दे दी।
हालांकि अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि जांच में कुछ अधिकारियों द्वारा नियमों की अनदेखी और निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन नहीं किए जाने के संकेत मिले हैं। ऐसे मामलों में संबंधित अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जा सकती है।
यह मामला उत्तराखंड में उद्यान विभाग से जुड़े लगभग 70 करोड़ रुपये के कथित वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों को लेकर लंबे समय से चर्चा में रहा है। हाईकोर्ट के निर्देश पर CBI ने मामले की विस्तृत जांच की थी। अब क्लोजर रिपोर्ट मंजूर होने के बाद इस प्रकरण में आपराधिक कार्रवाई का रास्ता फिलहाल बंद हो गया है, जबकि विभागीय स्तर पर कार्रवाई की संभावना बनी हुई है।




