श्रीनगर गढ़वाल। हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय में आयोजित पीएचडी प्रवेश परीक्षा के बाद परीक्षा की निष्पक्षता को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। छात्र नेताओं ने परीक्षा प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाते हुए मोबाइल फोन के उपयोग और कथित अनियमितताओं के आरोप लगाए हैं। मामले को लेकर छात्रों में भारी आक्रोश देखने को मिला और उन्होंने निष्पक्ष जांच की मांग की।
छात्र नेताओं का आरोप है कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने परीक्षा को पूरी तरह नकल-विहीन बनाने के लिए परीक्षा केंद्रों पर जैमर लगाए जाने का दावा किया था। लेकिन परीक्षा के दौरान लगभग एक घंटे तक बिजली आपूर्ति बाधित रहने से जैमर निष्क्रिय हो गए। उनका कहना है कि ऐसे में परीक्षा की गोपनीयता और पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।
आरोप यह भी लगाए गए हैं कि बिजली बाधित रहने के दौरान कुछ शिक्षकों के साथ एक अधिकारी की पत्नी मोबाइल फोन लेकर परीक्षा कक्ष में प्रवेश करती हुई दिखाई दीं। छात्र नेताओं का कहना है कि यदि परीक्षा कक्ष में मोबाइल फोन का उपयोग हुआ है या किसी भी प्रकार की अनियमितता हुई है, तो यह उन अभ्यर्थियों के साथ अन्याय होगा जिन्होंने पूरी ईमानदारी से परीक्षा दी है।
छात्र संगठनों ने विश्वविद्यालय प्रशासन से पूरे मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
हालांकि, यह स्पष्ट करना आवश्यक है कि फिलहाल ये सभी आरोप छात्र नेताओं द्वारा लगाए गए हैं। हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय की ओर से इस मामले में अभी तक कोई आधिकारिक बयान या स्पष्टीकरण जारी नहीं किया गया है। विश्वविद्यालय का पक्ष सामने आने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
गढ़वाल विश्वविद्यालय की पीएचडी प्रवेश परीक्षा में हंगामा, मोबाइल और धांधली के आरोपों पर छात्रों का प्रदर्शन

