प्रेमनगर का आपदा प्रभावित पुल 10 दिन में होगा शुरू, 16 करोड़ की लागत से पुनर्निर्माण अंतिम चरण में

Listen to this article

देहरादून। राजधानी देहरादून के प्रेमनगर क्षेत्र में पिछले वर्ष मानसून के दौरान आपदा में क्षतिग्रस्त हुआ हाईवे पुल अब अगले 10 दिनों के भीतर आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा। प्रदेश के कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने मंगलवार को निर्माणाधीन पुल का स्थलीय निरीक्षण कर कार्यों की प्रगति का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को तय समयसीमा के भीतर सभी कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान मंत्री ने बताया कि पुल के पुनर्निर्माण एवं सुरक्षात्मक कार्यों पर लगभग 16 करोड़ रुपये की लागत आ रही है और अब तक करीब 95 प्रतिशत कार्य पूरा किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष बादल फटने की घटना के दौरान पुल का एक पिलर गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त होकर तिरछा हो गया था, जिसे हटाकर नया पिलर तैयार किया गया। इसके बाद पूरे पुल को नए पिलर पर सफलतापूर्वक स्थापित किया गया है।
सतपाल महाराज ने बताया कि परियोजना की लागत कम करने के उद्देश्य से पुराने पुल और उसके सुरक्षित पिलरों का तकनीकी परीक्षण के बाद पुनः उपयोग किया गया है। साथ ही पुल की मजबूती सुनिश्चित करने के लिए नदी के दोनों किनारों पर आरसीसी रिटेनिंग वॉल का निर्माण और अन्य तीन पिलरों के सुरक्षात्मक कार्य भी तेजी से किए जा रहे हैं।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बरसात के मौसम को देखते हुए सभी शेष कार्य प्राथमिकता के आधार पर पूरे किए जाएं, ताकि पुल को जल्द से जल्द यातायात के लिए खोला जा सके और स्थानीय लोगों को आवागमन में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य आपदा प्रभावित क्षेत्रों में केवल पुनर्निर्माण करना नहीं, बल्कि भविष्य की प्राकृतिक आपदाओं को ध्यान में रखते हुए स्थायी, सुरक्षित और मजबूत बुनियादी ढांचा विकसित करना है।
इस अवसर पर उन्होंने चारधाम यात्रा के सफल संचालन पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार यात्रियों की सुरक्षा और सुविधाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने श्रद्धालुओं से मौसम की परिस्थितियों को देखते हुए प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने तथा शांति एवं संयम बनाए रखने की अपील की।

About The Author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *