देहरादून में करोड़ों कमाने के लालच में महिला से 25 लाख की साइबर ठगी, फेसबुक विज्ञापन के जरिए बनाया शिकार

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पति विदेश में नौकरी पर, पत्नी ऑनलाइन ट्रेडिंग के झांसे में फंसी; साइबर पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा

देहरादून। राजधानी देहरादून में साइबर ठगी का एक बड़ा मामला सामने आया है। रातों-रात अमीर बनने का सपना दिखाकर साइबर ठगों ने एक गृहिणी से करीब 25 लाख रुपये की ठगी कर ली। ठगों ने फेसबुक पर आकर्षक विज्ञापन दिखाकर महिला को कथित ऑनलाइन ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म से जोड़ा और शुरुआती लाभ का झांसा देकर धीरे-धीरे उसकी जीवनभर की जमा-पूंजी हड़प ली। पीड़िता की शिकायत पर साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पुलिस के अनुसार, शिकायतकर्ता अंजना सिंह के पति विदेश में नौकरी करते हैं। महिला ने बताया कि 13 जनवरी 2026 को फेसबुक पर एक विज्ञापन दिखाई दिया, जिसमें देश के बड़े उद्योगपतियों और प्रसिद्ध हस्तियों की तस्वीरों का इस्तेमाल कर दावा किया गया था कि केवल 25 हजार रुपये निवेश कर 2.50 लाख रुपये तक कमाए जा सकते हैं।

ऑनलाइन ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म से जोड़कर बनाया शिकार

विज्ञापन के माध्यम से महिला ने ‘सवेक्सा’ नाम के एक कथित ऑनलाइन ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म पर अपना खाता बनाया। इसके बाद अलग-अलग लोगों ने फोन कर खुद को कंपनी का प्रतिनिधि बताया और उन्हें एक टेलीग्राम ग्रुप में जोड़ दिया, जहां निवेश के लिए विभिन्न बैंक खातों की जानकारी भेजी जाती थी।

पहले दिलाया भरोसा, फिर बढ़वाया निवेश

महिला के अनुसार, सबसे पहले खुद को अकाउंट मैनेजर बताने वाले फैजल नामक व्यक्ति ने उनसे 25-25 हजार रुपये के दो निवेश करवाए। विश्वास जीतने के लिए ठगों ने 1,900 रुपये की निकासी भी कराई, जो कुछ दिनों बाद महिला के खाते में पहुंच गई। इससे उन्हें प्लेटफॉर्म पर भरोसा हो गया।

स्वेप चार्ज और अन्य शुल्क के नाम पर ऐंठे लाखों रुपये

कुछ समय बाद अकाउंट मैनेजर बदलकर जैन नाम का व्यक्ति सामने आया। उसने अधिक मुनाफे का लालच देकर महिला से करीब तीन लाख रुपये निवेश करवाए। खाते में लगातार मुनाफा दिखाया जाता रहा, लेकिन रकम निकालने की अनुमति नहीं दी गई।

इसके बाद स्वेप चार्ज, अकाउंट अपग्रेड, सेटलमेंट, वेरिफिकेशन और अन्य शुल्कों के नाम पर पहले पांच लाख रुपये और फिर अलग-अलग किस्तों में लगातार रकम जमा कराई गई।

तीसरे मैनेजर ने भी किया गुमराह

बाद में तैमूर नामक व्यक्ति को अकाउंट मैनेजर बताया गया। उसने महिला को आश्वासन दिया कि उनकी पूरी निवेशित राशि वापस मिल जाएगी, लेकिन इसके लिए और पैसे जमा करने होंगे। इसी तरह अलग-अलग बहानों से कुल 25 लाख रुपये जमा करा लिए गए। जब महिला ने अपनी रकम वापस मांगी तो आरोपियों ने और पैसा जमा करने का दबाव बनाया और अंततः संपर्क करना बंद कर दिया।

साइबर पुलिस ने शुरू की जांच

महिला की शिकायत पर साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन ने अज्ञात साइबर ठगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस संबंधित मोबाइल नंबरों, बैंक खातों और ऑनलाइन ट्रांजैक्शन की जांच कर रही है।

80 वर्षीय बुजुर्ग से 1.70 लाख की ठगी

देहरादून के अजबपुर खुर्द निवासी 80 वर्षीय ईश मोहन भी साइबर अपराधियों का शिकार हो गए। उन्हें इंटरनेट बैंकिंग लॉगिन से जुड़ा संदेश मिलने के बाद एक व्यक्ति ने खुद को पंजाब नेशनल बैंक का अधिकारी बताकर ऑनलाइन फॉर्म भरवाया। इसके बाद उनके बैंक खाते से 1.70 लाख रुपये निकाल लिए गए। नेहरू कॉलोनी थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पीएनबी रिटायर पेंशन कार्ड के नाम पर 1.75 लाख उड़ाए

वसंत विहार निवासी कांतिराम जोशी को भी साइबर ठगों ने निशाना बनाया। खुद को पंजाब नेशनल बैंक मुख्यालय, दिल्ली का अधिकारी बताने वाले व्यक्ति ने रिटायर पेंशन कार्ड जारी करने के नाम पर बैंक संबंधी जानकारी हासिल की और उनके खाते से 1.75 लाख रुपये निकाल लिए। पुलिस ने इस मामले में भी मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

साइबर सुरक्षा के लिए पुलिस की अपील

पुलिस ने लोगों से सोशल मीडिया पर दिखने वाले निवेश संबंधी विज्ञापनों पर आंख बंद कर भरोसा न करने, किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर बैंक खाते की जानकारी, ओटीपी या ऑनलाइन भुगतान न करने तथा किसी भी प्रकार की साइबर ठगी होने पर तुरंत 1930 साइबर हेल्पलाइन या नजदीकी साइबर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराने की अपील की है।

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