दून वैली टाइम्स | सहिया, 04 अगस्त
जनजातीय क्षेत्र जोनसार-बावर में पिछले दो दिनों से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश के चलते जजरेड पहाड़ी से भारी भूस्खलन और मलबा आने के कारण मुख्य मोटर मार्गों सहित कई संपर्क सड़कें बंद हो गई हैं। सड़कें अवरुद्ध होने से ग्रामीणों, यात्रियों और किसानों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।




लगातार बारिश के कारण पहाड़ियों से बड़े-बड़े बोल्डर और मलबा गिरने का सिलसिला जारी है। इससे कई स्थानों पर यातायात पूरी तरह ठप हो गया है और लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई है।
कई महत्वपूर्ण सड़कें बंद
लोक निर्माण विभाग और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत आने वाले कई प्रमुख मार्ग भूस्खलन की चपेट में आ गए हैं।
लोक निर्माण विभाग (चकराता)
- खारसी संपर्क मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध।
- हनोल-ठडियार मोटर मार्ग पर यातायात बंद।
लोक निर्माण विभाग (सहिया)
- कालसी-चकराता मोटर मार्ग पर यातायात पूरी तरह बाधित।
- सहिया-क्वानू मोटर मार्ग भी मलबा आने से बंद।
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (कालसी)
- देऊ-धोईरा मोटर मार्ग पर भारी मलबा आने से संपर्क पूरी तरह कट गया है।
जजरेड पहाड़ी बनी सबसे बड़ी चुनौती
विभागीय अधिकारियों के अनुसार कालसी-चकराता मोटर मार्ग पर सुबह जजरेड पहाड़ी से गिरे मलबे को जेसीबी मशीनों की सहायता से हटाकर मार्ग को कुछ समय के लिए यातायात के लिए खोल दिया गया था। लेकिन लगातार हो रही बारिश के कारण पहाड़ी से दोबारा भारी मात्रा में मलबा और बड़े पत्थर गिरने लगे, जिससे मार्ग फिर से बंद हो गया।
अधिकारियों का कहना है कि मार्गों को खोलने के लिए मशीनें और कर्मचारी लगातार कार्य में जुटे हुए हैं। मौसम सामान्य होते ही सभी अवरुद्ध मार्गों को जल्द से जल्द यातायात के लिए सुचारु करने का प्रयास किया जा रहा है।
किसानों और ग्रामीणों की बढ़ी परेशानी
सड़कें बंद होने से ग्रामीणों की दैनिक दिनचर्या प्रभावित हो गई है। आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति में कठिनाई आ रही है, वहीं किसान अपनी सब्जियां, फल और अन्य कृषि उत्पाद समय पर मंडियों तक नहीं पहुंचा पा रहे हैं। इससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाने की आशंका भी बढ़ गई है।
क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश को देखते हुए प्रशासन और संबंधित विभाग हालात पर नजर बनाए हुए हैं। लोगों से अपील की गई है कि खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें तथा भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतें।
