मीटर रीडिंग, बिलिंग और बिजली चोरी पर सख्ती के निर्देश, तकनीकी नुकसान कम करने पर रहेगा विशेष फोकस
देहरादून/साहिया | Doon Valley Times
मानसून के दौरान जौनसार-बावर क्षेत्र में निर्बाध एवं गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से ऊर्जा निगम के अधीक्षण अभियंता युद्धवीर सिंह तोमर ने क्षेत्र का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने साहिया स्थित विद्युत उपकेंद्र (सब-स्टेशन) का औचक निरीक्षण किया और अधिकारियों व कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।

निरीक्षण के दौरान अधीक्षण अभियंता युद्धवीर सिंह तोमर ने कहा कि मानसून के मौसम में भारी बारिश, तेज हवाओं और प्राकृतिक आपदाओं के कारण बिजली व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका बनी रहती है। ऐसे में सभी अधिकारी और कर्मचारी पूरी सतर्कता के साथ कार्य करें ताकि उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि यदि किसी स्थान पर तकनीकी खराबी या फॉल्ट की सूचना मिलती है तो उसे प्राथमिकता के आधार पर न्यूनतम समय में ठीक कर विद्युत आपूर्ति तत्काल बहाल की जाए। इसके लिए सभी आवश्यक संसाधन और तकनीकी टीमें पहले से तैयार रखी जाएं।

निरीक्षण के दौरान अधीक्षण अभियंता ने जौनसार-बावर क्षेत्र में मीटर रीडिंग और बिजली बिलिंग को लेकर लगातार मिल रही शिकायतों पर भी गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक उपभोक्ता की सही और समय पर मीटर रीडिंग सुनिश्चित की जाए, ताकि गलत बिलिंग की शिकायतों पर रोक लगाई जा सके।
युद्धवीर सिंह तोमर ने बताया कि जौनसार-बावर क्षेत्र में वर्तमान समय में लगभग 50 प्रतिशत तकनीकी नुकसान (Technical Loss) दर्ज किया जा रहा है, जो सामान्य मानकों की तुलना में काफी अधिक है। उन्होंने कहा कि इस नुकसान के प्रमुख कारण लंबी विद्युत लाइनें, बिजली चोरी तथा कुछ स्थानों पर मीटर रीडरों की लापरवाही सामने आई है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बिजली चोरी रोकने के लिए नियमित जांच अभियान चलाए जाएं, मीटर रीडिंग प्रणाली को अधिक पारदर्शी बनाया जाए तथा तकनीकी सुधारों के माध्यम से लाइन लॉस को कम करने के प्रभावी प्रयास किए जाएं।
अधीक्षण अभियंता ने कहा कि ऊर्जा निगम का उद्देश्य प्रत्येक उपभोक्ता तक सुरक्षित, सुचारु और निर्बाध विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराना है। इसके लिए सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को जिम्मेदारी के साथ कार्य करना होगा, ताकि मानसून के दौरान भी क्षेत्र की बिजली व्यवस्था सुचारु बनी रहे।




