देहरादून, 10 जुलाई। उत्तराखंड सरकार ने 5 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली जनहित योजनाओं की प्रभावी मॉनिटरिंग और समीक्षा के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मुख्यमंत्री सचिवालय ने सभी संबंधित विभागों को निर्देश जारी करते हुए ऐसी सभी योजनाओं का विस्तृत विवरण एवं संक्षिप्त ब्रीफ नोट तैयार कर उपलब्ध कराने को कहा है।
मुख्यमंत्री के प्रमुख निजी सचिव भूपेन्द्र सिंह बसेड़ा की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि विभिन्न विभागों में संचालित 5 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली योजनाओं की जानकारी संबंधित मंत्री सौरभ बहुगुणा के माध्यम से संज्ञानार्थ प्रस्तुत की जाएगी। साथ ही इन योजनाओं की एक प्रति मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय, देहरादून को भी भेजना अनिवार्य होगा।
सरकार का उद्देश्य उच्च लागत वाली विकास योजनाओं की नियमित समीक्षा, प्रगति की निगरानी और समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करना है। इससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि कौन-कौन सी योजनाएं किस चरण में हैं तथा उनके कार्यान्वयन में यदि कोई बाधा है तो उसका समय रहते समाधान किया जा सके।
मुख्यमंत्री सचिवालय द्वारा जारी इस आदेश की प्रतिलिपि पशुपालन, दुग्ध विकास, मत्स्य, गन्ना विकास, चीनी, प्रोटोकॉल, कौशल विकास एवं सेवायोजन सहित अन्य संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजी गई है।
राजनीतिक गलियारों में इस निर्णय को मंत्री सौरभ बहुगुणा की बढ़ती जिम्मेदारियों और सरकार में उनके बढ़ते महत्व के रूप में भी देखा जा रहा है। हालांकि, आदेश का मुख्य उद्देश्य राज्य की बड़ी विकास योजनाओं की बेहतर मॉनिटरिंग, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना बताया गया है।





