देहरादून। उत्तराखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision-SIR) के दौरान 19 लाख से अधिक रिकॉर्ड में विभिन्न प्रकार की त्रुटियां सामने आने से प्रदेश की राजनीति में हलचल मच गई है। राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, मतदाता सूची में बड़ी संख्या में उम्र और पारिवारिक विवरण से जुड़ी विसंगतियां पाई गई हैं।

अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी के अनुसार, जांच के दौरान करीब 2 लाख मतदाताओं के माता-पिता की आयु नाबालिग दर्ज मिली, जबकि 92 हजार से अधिक मतदाताओं के दादा की उम्र भी असामान्य रूप से कम दर्ज पाई गई। इसके अलावा देहरादून और रुद्रपुर विधानसभा क्षेत्रों में सबसे अधिक 89 प्रतिशत रिकॉर्ड में त्रुटियां सामने आई हैं।
निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि इन त्रुटियों को सुधारने के लिए प्रभावित मतदाताओं को अवसर दिया जा रहा है। 14 जुलाई से 13 अगस्त तक मतदाता अपने दावे और आपत्तियां दर्ज कराकर रिकॉर्ड में आवश्यक संशोधन करा सकते हैं।
आयोग का कहना है कि सभी रिकॉर्ड का सत्यापन कर वास्तविक जानकारी के आधार पर मतदाता सूची को त्रुटिरहित बनाया जाएगा, ताकि आगामी चुनावों में किसी भी मतदाता को परेशानी का सामना न करना पड़े।



