देहरादून | Doon Valley Times
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आयोजित उत्तराखंड मंत्रिमंडल की बैठक में गुरुवार को 10 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में शिक्षा, पर्यटन, वित्त, रोजगार, भूमि अधिकार और कुंभ मेला-2027 से जुड़े कई अहम फैसले लिए गए। इनमें सबसे प्रमुख निर्णय उत्तराखंड अल्पसंख्यक शिक्षा अधिनियम लागू होने के बाद वित्तीय वर्ष 2027-28 से अरेबिया मदरसों को दी जाने वाली अनुदान योजना के बजट मद को समाप्त करने का रहा, जिस पर कैबिनेट ने अपनी मंजूरी दे दी।
इसके अलावा विदेश रोजगार प्रकोष्ठ के प्रभावी संचालन के लिए प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट (PMU) के गठन तथा 7 नए पदों के सृजन को भी स्वीकृति प्रदान की गई।
कैबिनेट के प्रमुख फैसले
🔹 पिथौरागढ़ में सीमांत प्रौद्योगिकी संस्थान को भूमि हस्तांतरण:
मढ़धुरा स्थित निर्माणाधीन नन्हीं परी सीमांत प्रौद्योगिकी संस्थान के आसपास की 14.857 हेक्टेयर भूमि तकनीकी शिक्षा विभाग को हस्तांतरित करने को मंजूरी दी गई।
🔹 रिवर राफ्टिंग एवं क्याकिंग नियमावली में संशोधन:
उत्तराखंड रिवर राफ्टिंग/क्याकिंग संशोधन नियमावली-2026 को कैबिनेट की स्वीकृति मिली।
🔹 पीएम पोषण योजना:
अक्षय पात्र फाउंडेशन द्वारा श्रीनगर (पौड़ी) में केंद्रीकृत किचन के माध्यम से विद्यालयों को पका-पकाया भोजन उपलब्ध कराया जाएगा।
🔹 सातवें वेतनमान का लाभ:
उत्तराखंड राज्य भंडारण निगम के 68 नियमित कर्मचारियों को सातवें वेतनमान का लाभ देने को मंजूरी मिली।
🔹 कुंभ मेला-2027:
हरिद्वार कुंभ मेले की समवर्ती लेखा परीक्षा के लिए आवश्यक पदों के सृजन को स्वीकृति दी गई।
🔹 उत्तराखंड वित्त सेवा संशोधन नियमावली-2026:
वित्त सेवा से संबंधित संशोधित नियमावली को मंजूरी प्रदान की गई।
🔹 वित्त ऑडिट प्रकोष्ठ:
ऑडिट व्यवस्था को मजबूत करने के लिए दो नए पदों के सृजन को स्वीकृति मिली।
🔹 विदेश रोजगार प्रकोष्ठ:
विदेशों में रोजगार के इच्छुक युवाओं को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए पीएमयू गठन के साथ 7 नए पदों के सृजन को मंजूरी दी गई।
🔹 भूमिधरी अधिकार का मामला:
बाबूग्राम, चौवन बग्गा और बिंदुखत्ता के निवासियों को भूमिधरी अधिकार देने के संबंध में मुख्य सचिव की अध्यक्षता में समिति गठित करने के निर्देश दिए गए।
🔹 अरेबिया मदरसों का अनुदान समाप्त:
उत्तराखंड अल्पसंख्यक शिक्षा अधिनियम लागू होने के बाद वित्तीय वर्ष 2027-28 से अरेबिया मदरसों को मिलने वाली अनुदान योजना के बजट मद को समाप्त करने के प्रस्ताव को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी।
राज्य सरकार का कहना है कि इन निर्णयों से प्रशासनिक व्यवस्था मजबूत होगी, शिक्षा एवं रोजगार के क्षेत्र में सुधार आएगा और विभिन्न विभागों की कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।




