दून वैली टाइम्स | देहरादून
देहरादून। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून स्थित ऐतिहासिक परेड ग्राउंड एक बार फिर चर्चा में है। इस बार वजह कोई बड़ा आयोजन नहीं, बल्कि उन हजारों युवाओं की परेशानी है जो हर रोज़ पुलिस, सेना, अर्धसैनिक बलों और अन्य सरकारी विभागों की शारीरिक दक्षता परीक्षाओं की तैयारी के लिए सुबह और शाम यहां दौड़ लगाने आते हैं।
युवाओं का कहना है कि परेड ग्राउंड में लगातार मेले और व्यावसायिक आयोजनों के कारण उनके अभ्यास पर गंभीर असर पड़ रहा है। जिस मैदान पर युवाओं की सुविधा के लिए विशेष रनिंग ट्रैक बनाया गया है, वही मैदान अब बार-बार मेलों के आयोजन से अव्यवस्थित हो जाता है। मैदान में अस्थायी ढांचे, स्टॉल, वाहन और अन्य सामग्री के कारण नियमित अभ्यास करना मुश्किल हो जाता है।

अभ्यर्थियों का कहना है कि वर्तमान में लगभग हर सप्ताह किसी न किसी मेले या आयोजन के चलते मैदान का बड़ा हिस्सा बंद रहता है। ऐसे में उन्हें मजबूर होकर शहर की व्यस्त सड़कों पर दौड़ का अभ्यास करना पड़ता है, जहां दुर्घटनाओं का खतरा हमेशा बना रहता है। कई युवा अभ्यास नहीं कर पाने के कारण घर लौटने को विवश हो जाते हैं, जिसका सीधा असर उनकी तैयारी और भविष्य पर पड़ता है।
युवाओं ने यह भी सवाल उठाया है कि परेड ग्राउंड के समीप स्थित रेंजर्स ग्राउंड और पवेलियन ग्राउंड जैसे बड़े मैदान अधिकांश समय खाली रहते हैं। यदि मेलों और बड़े आयोजनों को इन मैदानों में स्थानांतरित किया जाए तो एक ओर व्यापारिक और सांस्कृतिक गतिविधियां भी प्रभावित नहीं होंगी और दूसरी ओर भर्ती की तैयारी कर रहे हजारों युवाओं को भी राहत मिलेगी।

अभ्यर्थियों का कहना है कि सरकार और संबंधित विभागों को युवाओं के हितों को प्राथमिकता देते हुए ऐसा स्थायी समाधान निकालना चाहिए, जिससे परेड ग्राउंड का रनिंग ट्रैक और अभ्यास क्षेत्र नियमित रूप से खिलाड़ियों और भर्ती की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए उपलब्ध रहे।
युवाओं का स्पष्ट कहना है कि “मेले और आयोजन अपनी जगह महत्वपूर्ण हैं, लेकिन प्रदेश के युवाओं के भविष्य से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं होना चाहिए।” उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि परेड ग्राउंड में लगातार होने वाले मेलों की समीक्षा कर वैकल्पिक मैदानों का उपयोग सुनिश्चित किया जाए।
दून वैली टाइम्स इस जनहित के मुद्दे को प्रमुखता से उठाते हुए संबंधित विभागों से अपेक्षा करता है कि युवाओं की समस्याओं का शीघ्र समाधान किया जाए, ताकि उनकी मेहनत और सपनों पर किसी प्रकार का प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।
युवाओं के भविष्य से कोई समझौता नहीं होने देंगे।
परेड ग्राउंड पर लगातार मेलों के कारण भर्ती की तैयारी कर रहे हजारों युवाओं को हो रही परेशानी का जिलाधिकारी देहरादून तत्काल संज्ञान लें। यदि एक सप्ताह के भीतर स्थिति में सुधार नहीं हुआ, तो युवाओं के साथ मिलकर जिलाधिकारी कार्यालय का घेराव किया जाएगा।
— उत्तराखण्ड स्वाभिमान मोर्चा, उत्तराखंड




