देहरादून | दून वैली टाइम्स
देहरादून के रायपुर थाना परिसर में शुक्रवार देर रात उस समय राजनीतिक माहौल गरमा गया जब कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने पुलिस कार्रवाई के विरोध में धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि जनहित के मुद्दों को उठाने वाले विपक्षी नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ राजनीतिक द्वेष की भावना से मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि लोकतंत्र में विपक्ष की भूमिका जनता की आवाज को सरकार तक पहुंचाना और जनहित के मुद्दों को मजबूती से उठाना है, लेकिन सरकार की नीतियों की आलोचना करने वालों को पुलिस कार्रवाई के माध्यम से दबाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष की आवाज को कमजोर करने के लिए प्रशासनिक तंत्र का दुरुपयोग किया जा रहा है।
धरने के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने दर्ज मुकदमों की निष्पक्ष, पारदर्शी और स्वतंत्र समीक्षा कराने की मांग की। साथ ही उन्होंने राजनीतिक दबाव में दर्ज किए गए मामलों को वापस लेने और भविष्य में ऐसी कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग भी उठाई।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सदस्य विनीत प्रसाद भट्ट ने कहा कि कांग्रेस अन्याय, दमन और राजनीतिक प्रतिशोध की राजनीति से डरने वाली नहीं है। उन्होंने कहा कि पार्टी हमेशा जनता के अधिकारों, लोकतांत्रिक मूल्यों और संविधान की रक्षा के लिए संघर्ष करती रही है और आगे भी करती रहेगी।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि विपक्षी नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ राजनीतिक भावना से कार्रवाई का सिलसिला जारी रहा तो कांग्रेस पूरे प्रदेश में व्यापक जनआंदोलन छेड़ने को मजबूर होगी। पार्टी ने कहा कि लोकतंत्र में असहमति और विरोध की आवाज को दबाना उचित नहीं है और निष्पक्ष कानून व्यवस्था बनाए रखना सरकार एवं पुलिस की जिम्मेदारी है।
हालांकि, इस मामले में पुलिस प्रशासन की ओर से खबर लिखे जाने तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी।
दून वैली टाइम्स इस मामले में सभी पक्षों की प्रतिक्रिया को प्रमुखता से प्रकाशित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
