देहरादून। उत्तराखंड में चल रही विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया को लेकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तराखंड से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने एसआईआर प्रक्रिया के दौरान आमजन को हो रही असुविधाओं, मतदाता सूची में पारदर्शिता तथा पात्र मतदाताओं के मताधिकार की सुरक्षा से जुड़े विभिन्न मुद्दों को प्रमुखता से उठाया।
कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने निर्वाचन आयोग के समक्ष मांग रखी कि एसआईआर प्रक्रिया को अधिक सरल, पारदर्शी, निष्पक्ष और जवाबदेह बनाया जाए, ताकि मतदाता सूची के पुनरीक्षण के दौरान किसी भी योग्य मतदाता का नाम अनावश्यक रूप से सूची से बाहर न हो।
फॉर्म-7 को लेकर कांग्रेस की प्रमुख मांगें
प्रतिनिधिमंडल ने मतदाता सूची में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए फॉर्म-7 से संबंधित तीन प्रमुख मांगें मुख्य निर्वाचन अधिकारी के समक्ष रखीं।
कांग्रेस ने मांग की कि फॉर्म-7 के माध्यम से किसी मतदाता के नाम पर आपत्ति दर्ज कराने वाले व्यक्ति की पहचान सार्वजनिक की जाए तथा संबंधित फॉर्म-7 को निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर स्पष्ट रूप से उपलब्ध कराया जाए।
इसके साथ ही कांग्रेस ने कहा कि आपत्ति की सुनवाई के दौरान संबंधित ARO द्वारा तत्काल लिखित निर्णय दिया जाना चाहिए। निर्णय में यह स्पष्ट किया जाए कि संबंधित मतदाता का नाम सूची में बरकरार रखा गया है या हटाया गया है और यदि नाम हटाया जाता है तो उसके पीछे का स्पष्ट कारण भी दर्ज किया जाए।
कांग्रेस ने तीसरी प्रमुख मांग रखते हुए कहा कि बूथवार जिन मतदाताओं के नाम हटाने को लेकर आपत्तियां प्राप्त हुई हैं, उनकी सूची संबंधित राजनीतिक दलों के BLA (बूथ लेवल एजेंट) को भी उपलब्ध कराई जाए, ताकि राजनीतिक दल अपने स्तर पर प्रक्रिया की निगरानी कर सकें।
मैदानी क्षेत्रों से अधिक शिकायतें आने का दावा
कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल के अनुसार गदरपुर, हरिद्वार ग्रामीण, मंगलौर, रुद्रपुर सहित कई मैदानी क्षेत्रों से एसआईआर प्रक्रिया को लेकर अधिक शिकायतें सामने आ रही हैं। प्रतिनिधिमंडल ने निर्वाचन अधिकारियों से इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए प्रक्रिया में आवश्यक सुधार करने का आग्रह किया।
कांग्रेस का कहना है कि मतदाता सूची में फर्जी अथवा अपात्र नामों को हटाया जाना जरूरी है, लेकिन इसके साथ यह भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि किसी भी योग्य और वास्तविक मतदाता का नाम बिना उचित प्रक्रिया और पर्याप्त कारण के मतदाता सूची से न हटे।
प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में मतदान का अधिकार प्रत्येक पात्र नागरिक का महत्वपूर्ण अधिकार है। इसलिए एसआईआर के दौरान पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ-साथ मतदाताओं को अपनी आपत्ति एवं पक्ष रखने का पर्याप्त अवसर मिलना चाहिए।
प्रतिनिधिमंडल में ये लोग रहे शामिल
प्रतिनिधिमंडल में हरिद्वार ग्रामीण की विधायक श्रीमती अनुपमा रावत, एसआईआर सहसंयोजक श्री अमेन्द्र बिष्ट, प्रदेश महामंत्री कांग्रेस श्री राजेन्द्र शाह, उत्तराखंड कांग्रेस की प्रवक्ता डॉ. प्रतिमा सिंह, प्रदेश महामंत्री एवं एडवोकेट श्री राकेश सिंह नेगी, BLA-01 हरिद्वार ग्रामीण श्री तवरेज आलम, सदस्य एसआईआर कमेटी एवं एडवोकेट श्री संदीप चमोली, एडवोकेट श्री विनोद कुमार, एडवोकेट श्रीमती सुरभि शाह, एडवोकेट श्रीमती डिम्पल सिंह, एडवोकेट श्री विपिन नौटियाल तथा श्री सिद्धार्थ पोखरियाल शामिल रहे।
कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने उम्मीद जताई कि निर्वाचन आयोग आमजन की शिकायतों और राजनीतिक दलों द्वारा उठाए गए सुझावों पर गंभीरता से विचार करते हुए एसआईआर प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी एवं सुगम बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाएगा।


