देहरादून | Doon Valley Times
कांग्रेस नेता राहुल गांधी के प्रस्तावित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम से पहले प्रशासनिक स्तर पर नया विवाद खड़ा हो गया है। 15 से 17 जुलाई तक देहरादून के परेड ग्राउंड में प्रस्तावित इस कार्यक्रम को लेकर अभी तक अंतिम प्रशासनिक मंजूरी नहीं मिल सकी है। इसकी वजह कांग्रेस की ओर से सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय की अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) नगर निगम में जमा नहीं कराना बताई जा रही है।

हालांकि कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि कार्यक्रम अपने तय समय पर ही होगा और प्रशासन की ओर से कार्यक्रम रद्द करने या अनुमति वापस लेने का कोई आधिकारिक आदेश नहीं मिला है।
नगर निगम ने बताई अनुमति लंबित रहने की वजह
नगर आयुक्त आलोक कुमार पांडे के अनुसार कांग्रेस ने परेड ग्राउंड के उपयोग के लिए आवेदन किया था, लेकिन प्रारंभिक आवेदन में कार्यक्रम का पूरा विवरण उपलब्ध नहीं कराया गया था। इसके बावजूद मेयर की संस्तुति के आधार पर 10 जुलाई 2026 को कुछ शर्तों के साथ अनुमति पत्र जारी किया गया।
नगर निगम का कहना है कि यह अनुमति पूरी तरह सशर्त थी और स्पष्ट किया गया था कि सिटी मजिस्ट्रेट सहित संबंधित विभागों से आवश्यक एनओसी मिलने के बाद ही अंतिम स्वीकृति प्रभावी होगी। चूंकि अभी तक आवश्यक एनओसी जमा नहीं हुई है, इसलिए अंतिम अनुमति लंबित है।
पहले से तय सरकारी कार्यक्रम भी बना वजह
प्रशासन के सामने एक और चुनौती परेड ग्राउंड में पहले से प्रस्तावित सरकारी कार्यक्रम हैं। नगर निगम के अनुसार इन दिनों केंद्र सरकार का ‘लोक पर्व’ कार्यक्रम परेड ग्राउंड में संचालित हो रहा है, जिसकी अवधि बढ़ाकर 17 जुलाई तक कर दी गई है। इसके अलावा 16 और 17 जुलाई को राज्यपाल के कार्यक्रम भी प्रस्तावित हैं।
नगर निगम का कहना है कि नियमों के अनुसार पहले से स्वीकृत और संचालित कार्यक्रमों को प्राथमिकता दी जाती है। इसी कारण परेड ग्राउंड उपलब्ध कराने में प्रशासनिक दिक्कत सामने आ रही है।
कांग्रेस को दिया गया वैकल्पिक मैदान
नगर निगम ने कांग्रेस को वैकल्पिक स्थल के रूप में बन्नू फील्ड उपलब्ध कराने का प्रस्ताव भी दिया है। अधिकारियों का कहना है कि यदि कांग्रेस समय रहते आवश्यक एनओसी जमा कर देती है तो नियमों के अनुसार परेड ग्राउंड के आवंटन पर पुनर्विचार किया जा सकता है।
गणेश गोदियाल बोले- कार्यक्रम तय, रोक की कोई सूचना नहीं
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि पार्टी के पास परेड ग्राउंड की अनुमति मौजूद है और प्रशासन की ओर से कार्यक्रम रद्द करने या अनुमति वापस लेने का कोई आधिकारिक आदेश नहीं मिला है।
उन्होंने कहा कि कार्यक्रम के लिए पहुंचे ट्रकों को मैदान में इसलिए प्रवेश नहीं मिला क्योंकि ग्राउंड की बुकिंग अगले दिन से प्रभावी है। इस संबंध में सिटी मजिस्ट्रेट से बातचीत भी हुई है और पुलिस कानून-व्यवस्था को लेकर अपनी रिपोर्ट तैयार कर रही है।
गोदियाल ने दोहराया कि राहुल गांधी का कार्यक्रम हर हाल में आयोजित किया जाएगा। यदि राजनीतिक कारणों से परेड ग्राउंड उपलब्ध नहीं कराया जाता है तो कांग्रेस किसी अन्य स्थान पर कार्यक्रम करेगी। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि यदि सरकार ने राजभवन को “लोक भवन” बना दिया है तो वह भी आयोजन के लिए उपयुक्त स्थान हो सकता है।
ढाई लाख पंजीकरण के दावे पर भी सवाल
कांग्रेस का दावा है कि ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के लिए करीब 2.5 लाख छात्रों का पंजीकरण हो चुका है। वहीं परेड ग्राउंड की क्षमता लगभग 20 हजार लोगों की बताई जा रही है। ऐसे में भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था भी प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन सकती है।
कैसी होगी ‘छात्रों की गूंज’
कांग्रेस का कहना है कि यह पारंपरिक राजनीतिक रैली नहीं होगी, बल्कि छात्रों के साथ सीधा संवाद होगा। मंच पर राहुल गांधी के अलावा किसी अन्य राजनीतिक नेता को स्थान नहीं दिया जाएगा। छात्र शिक्षा व्यवस्था, भर्ती परीक्षाओं में देरी, पेपर लीक, बेरोजगारी और रोजगार जैसे मुद्दों पर सीधे सवाल पूछ सकेंगे।
पार्टी के अनुसार यह कार्यक्रम राजस्थान के कोटा में आयोजित छात्र संवाद मॉडल की तर्ज पर तैयार किया गया है और इसे उत्तराखंड का सबसे बड़ा छात्र संवाद बनाने की तैयारी है।
पहले मौसम के कारण टल चुका था दौरा
राहुल गांधी का उत्तराखंड दौरा इससे पहले जून के पहले सप्ताह में प्रस्तावित था, लेकिन खराब मौसम के कारण हेलीकॉप्टर आगे नहीं उड़ सका और कार्यक्रम स्थगित करना पड़ा था। बाद में उन्होंने वर्चुअल माध्यम से लोगों को संबोधित किया था। इस बार कांग्रेस कार्यक्रम को हर हाल में सफल बनाने की तैयारी में जुटी है।




