देहरादून। बरसात के मौसम में नदियों के बढ़ते जलस्तर और तेज बहाव के बीच भारी वाहनों की आवाजाही को लेकर अब सवाल खड़े होने लगे हैं। रविवार को प्रेमनगर थाना क्षेत्र के झाझरा-ठाकुरपुर स्थित टौंस नदी में तेज बहाव की चपेट में आने से एक भारी-भरकम डंपर बहकर पलट गया। घटना ने नदी-नालों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था और नियमों के पालन को लेकर गंभीर चिंता पैदा कर दी है।
जानकारी के मुताबिक, डंपर को नदी में धुलाई के लिए उतारा गया था। इसी दौरान अचानक जलस्तर और बहाव बढ़ गया और डंपर तेज धारा की चपेट में आकर बह गया। नदी के बीच पलटे डंपर को देखने के लिए मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई।
लेकिन सवाल सिर्फ एक डंपर के बहने का नहीं है। बरसात में जब नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ता है, तो क्या भारी वाहनों और लोगों की आवाजाही को लेकर पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम हैं?
इसी बीच ढकरानी के यमुना मार्ग पर सैकड़ों वाहनों की आवाजाही भी चिंता बढ़ा रही है। यदि नदी का जलस्तर अचानक बढ़ता है या तेज बहाव आता है, तो ऐसी स्थिति में वाहन चालकों और राहगीरों की सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी होगी?
आज झाझरा-ठाकुरपुर में डंपर बहा है, कल किसकी बारी होगी? यह सवाल इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि मानसून के दौरान नदी और बरसाती धाराओं का मिजाज अचानक बदल सकता है।
प्रशासन और संबंधित विभागों को ऐसे संवेदनशील मार्गों व नदी क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा कर स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने की जरूरत है, ताकि किसी बड़े हादसे से पहले एहतियाती कदम उठाए जा सकें।
