बारिश थमने के कई दिन बाद भी सड़क पर भरा पानी, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और स्कूल तक पहुंचना हुआ मुश्किल
दून वैली टाइम्स | विकासनगर, देहरादून
देहरादून जनपद के विकासनगर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत बदामावाला के अंतर्गत पश्चिमीवाला से जोहड़ होते हुए अम्बाडी बाईपास मोटर मार्ग को जोड़ने वाली सड़क इन दिनों ग्रामीणों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बनी हुई है। बारिश थमे कई दिन बीत चुके हैं, लेकिन सड़क पर आज भी जलभराव बना हुआ है। जल निकासी की समुचित व्यवस्था न होने से पूरी सड़क तालाब का रूप ले चुकी है, जिससे स्थानीय लोगों का दैनिक जीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।

सबसे अधिक परेशानी उन स्कूली छात्र-छात्राओं को हो रही है जिन्हें रोज इसी मार्ग से होकर स्कूल जाना पड़ता है। पानी से लबालब भरी सड़क पर बच्चों को जूते-चप्पल हाथ में लेकर या पानी के बीच से गुजरने को मजबूर होना पड़ रहा है। ऐसे में किसी भी समय फिसलकर हादसा होने का खतरा बना रहता है।
यही नहीं, इस मार्ग के समीप प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) भी स्थित है। इलाज के लिए आने वाले मरीजों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और उनके परिजनों को भी इसी जलभराव से होकर अस्पताल पहुंचना पड़ता है। कई बार मरीजों को पानी में उतरकर गुजरना पड़ता है, जिससे उनकी परेशानियां और बढ़ जाती हैं। यदि किसी गंभीर मरीज को तत्काल चिकित्सा की आवश्यकता हो तो यह जलभराव उसकी जान पर भी भारी पड़ सकता है।
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि सड़क पर जमा गंदा पानी केवल आवागमन में बाधा नहीं बन रहा, बल्कि संक्रमण और बीमारियों का खतरा भी बढ़ा रहा है। दोपहिया वाहन चालक फिसलने के डर से बेहद सावधानी से वाहन निकालते हैं, जबकि चारपहिया वाहनों को भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। कई लोगों ने इस मार्ग का उपयोग बंद कर वैकल्पिक रास्तों से आना-जाना शुरू कर दिया है।
ग्रामीणों के अनुसार पहले बारिश के दौरान कुछ समय के लिए पानी भरता था, लेकिन पिछले कुछ वर्षों से हर बारिश के बाद यह सड़क कई दिनों तक जलमग्न रहती है। सड़क पर बहता पानी आसपास के घरों तक पहुंच जाता है, जिससे लोगों का अपने ही घरों में आना-जाना मुश्किल हो जाता है। लगातार जलभराव के कारण सड़क भी तेजी से क्षतिग्रस्त होती जा रही है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस समस्या को लेकर ग्राम पंचायत, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और संबंधित विभागों को कई बार अवगत कराया गया, लेकिन आज तक केवल आश्वासन ही मिले हैं। स्थायी जल निकासी की व्यवस्था नहीं होने से हर बरसात में यही स्थिति बन जाती है और सबसे अधिक परेशानी आम जनता को उठानी पड़ती है।
ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए स्थायी जल निकासी व्यवस्था बनाई जाए, क्षतिग्रस्त सड़क का शीघ्र निर्माण कराया जाए और स्कूल व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तक सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित किया जाए।
आखिर सवाल यह है कि जब इसी सड़क से रोज़ छोटे-छोटे बच्चे शिक्षा के लिए और मरीज इलाज के लिए गुजरते हैं, तब जिम्मेदार विभाग और जनप्रतिनिधि कब जागेंगे? क्या किसी बड़े हादसे का इंतजार किया जा रहा है?




