पद बड़ा हो सकता है, लेकिन अपनी मिट्टी से जुड़ाव उससे भी बड़ा होता है: ब्लॉक प्रमुख चकराता ने खेत में की धान की रोपाई

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दीवान सिंह तोमर,

चकराता। जनप्रतिनिधि का असली परिचय केवल उसके पद से नहीं, बल्कि उसके व्यवहार, कर्म और समाज से जुड़े रहने से होता है। चकराता की ब्लॉक प्रमुख आशा वर्मा ने इसका एक प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया। ब्लॉक प्रमुख बनने के बाद भी उन्होंने अपनी जड़ों और खेती-किसानी से जुड़ाव बनाए रखते हुए अपने खेत में स्वयं धान की रोपाई की।
यह दृश्य केवल खेती का नहीं, बल्कि उस सोच का प्रतीक है जो बताता है कि जिम्मेदारी चाहे कितनी भी बड़ी क्यों न हो, अपनी मिट्टी, गांव और किसानों से जुड़ाव कभी नहीं छूटना चाहिए। खेत में उतरकर श्रम करना इस बात का संदेश देता है कि खेती केवल आजीविका नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, परंपरा और आत्मनिर्भरता की पहचान है।
धान की रोपाई के दौरान ब्लॉक प्रमुख आशा वर्मा ने किसानों के परिश्रम को नमन करते हुए सभी किसान भाइयों-बहनों से खेती को आगे बढ़ाने और कृषि पर गर्व करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि किसान की मेहनत ही देश की खुशहाली और अन्न सुरक्षा की सबसे मजबूत नींव है।
आज जब युवा गांवों और खेती से दूर होते जा रहे हैं, ऐसे समय में एक जनप्रतिनिधि का स्वयं खेत में उतरकर काम करना समाज के लिए सकारात्मक संदेश है। इससे अन्य जनप्रतिनिधियों को भी प्रेरणा मिलती है कि वे केवल विकास योजनाओं तक सीमित न रहें, बल्कि ग्रामीण जीवन, किसानों की समस्याओं और उनके श्रम से भी आत्मीय रूप से जुड़ें।
“धरती से जुड़ाव ही हमारी सबसे बड़ी पहचान है। मिट्टी से जुड़कर किया गया हर श्रम, समृद्ध भविष्य की फसल बनकर लहलहाता है।”

Doon Valley Times का मानना है कि ऐसे प्रेरणादायक प्रयास समाज में श्रम के सम्मान, खेती के महत्व और ग्रामीण संस्कृति के संरक्षण का संदेश देते हैं। जब जनप्रतिनिधि स्वयं खेत में उतरते हैं, तो यह केवल एक तस्वीर नहीं होती, बल्कि समाज के लिए प्रेरणा और जिम्मेदारी का संदेश बन जाती है।

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